Good News : हो चुकी कोरोना के अंत की शुरुआत, SBI की रिचर्स में हुआ खुलासा

Last Updated: मंगलवार, 18 जनवरी 2022 (18:37 IST)
नई दिल्ली। देश के सबसे बड़े वाणिज्यिक बैंक स्टेट बैंक (एसबीआई) की देने वाली इकाई रिसर्च टीकाकरण की तेजी गति की बदौलत कोरोना संक्रमण की को इसकी अंत की बताया और कहा कि ओमिक्रॉन के पांव पसारने से पिछले 1 सप्ताह में भारत की कारोबारी गतिविधियों मामूली गिरावट दर्ज की गई है।
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एसबीआई रिसर्च की मंगलवार को जारी रिपोर्ट में कहा गया है कि भारत में 29 दिसंबर 2021 से कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ने लगे। सोमवार तक प्रतिदिन सामने आए नए मामलों की संख्या 2,38,938 (पिछले 7 दिन का औसत) रही जिससे सक्रिय मामले 16,56,341 तक पहुंच गए हैं। लेकिन ध्यान देने योग्य बात यह है कि भारत ने अपनी पात्र आबादी के 64 प्रतिशत को पूरी तरह से टीकाकृत कर दिया है, साथ ही पात्र आबादी के 89 प्रतिशत ने कम से कम टीके की 1 खुराक अवश्य ले ली है। वर्तमान में टीकाकरण के 7 दिन का औसत लगभग 70 लाख है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि कोरोना की तीसरी लहर से पिछले 1 सप्ताह में देश की कारोबारी गतिविधि प्रभावित हुई है। एसबीआई का कारोबारी इंडेक्स इस वर्ष 10 जनवरी को 109 था, जो 17 जनवरी को घटकर 101 रह गया है। यह पिछले वर्ष 15 नवंबर के बाद न्यूनतम स्तर है। इस लहर के प्रसार से पिछले 1 सप्ताह में सब्जियों की आवक, राजस्व संग्रह और सेब की आवक का इडेंक्स भी गिरा है।




रिपोर्ट के अनुसार देश में 15-18 आयु वर्ग के 3.45 करोड़ किशोरों को कोरोना का टीका, वहीं 44 लाख लोगों एहतियाती खुराक दी जा चुकी है। साथ ही जनवरी 2022 में कुल टीकाकरण में ग्रामीण टीकाकरण का हिस्सा बढ़कर 83 प्रतिशत हो गया, जो दर्शाता है कि मौजूदा लहर में ग्रामीण आबादी को काफी हद तक संरक्षित किया गया है। एसबीआई रिसर्च की रिपोर्ट के मुताबिक मुंबई में कोरोना संक्रमण के नए मामले अपने चरम पर पहुंच गए हैं (7 जनवरी को 20971 नए मामले), वहीं अन्य शहरों जैसे बेंगलुरु और पुणे में प्रतिदिन सामने आने वाले नए मामलों में वृद्धि का रुख है। शीर्ष 15 जिलों में नए मामले पिछले वर्ष दिसंबर के 67.9 से घटकर जनवरी में 37.4 रह गए हैं।


रिपोर्ट में कहा गया है कि कोरोना के नए मामलों में ग्रामीण जिलों की कुल हिस्सेदारी जनवरी में बढ़कर 32.6 प्रतिशत हो गई जबकि दिसंबर 2021 में यह सबसे कम 14.4 प्रतिशत थी। नए मामलों में ग्रामीण क्षेत्रों का प्रतिशत हिस्सा आंध्रप्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, बिहार, जम्मू-कश्मीर, ओडिशा और राजस्थान में अधिक है। हालांकि अरुणाचल प्रदेश, गुजरात, हरियाणा और कर्नाटक में कुल टीकाकरण में ग्रामीण टीकाकरण का प्रतिशत हिस्सा कम है।
रिपोर्ट के अनुसार आंध्रप्रदेश, दिल्ली, गुजरात, कर्नाटक, केरल, मध्यप्रदेश, तेलंगाना और उत्तराखंड ने पहले ही अपनी पात्र आबादी के 70 प्रतिशत से अधिक को कोरोना का दूसरा टीका लगा दिया है। हालांकि इस मामले में पंजाब, उत्तरप्रदेश और झारखंड अभी भी पिछड़ रहे हैं। इन राज्यों में टीकाकरण की गति तेज करने की आवश्यकता है। एसबीआई के समूह मुख्य आर्थिक सलाहकार डॉ. सौम्य कांति घोष ने कहा कि तीसरी लहर के दौरान अधिकांश संक्रमितों का होम आइसोलेशन में ही स्वस्थ हो जाना और उनका अस्पताल नहीं पहुंचना सुखद प्रवृत्ति है। दूसरी लहर की तुलना में इस बार स्वास्थ्य क्षेत्र के हर मापदंड पर बेहतर प्रदर्शन भी सुखद अहसास कराता है।



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