कर्नाटक के बाद तेलगांना में कोरोना ब्लास्ट, मेडिकल कॉलेज के 43 छात्र संक्रमित, Omicron को लेकर बढ़ा खौफ

पुनः संशोधित सोमवार, 6 दिसंबर 2021 (15:09 IST)
भारत में (Coronavirus) के नए वैरिएंट वेरिएंट (Variant) ने चिंता बढ़ा दी है। देश के स्‍कूल-कॉलेजों में कोरोना लगातार अपने पैर पसार रहा है। तेलंगाना में बोम्‍मकल में स्थित चालमेडा आनंदराव इंस्‍टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज के 43 छात्रों में कोरोना वायरस की पुष्टि हुई है। इस बात की जानकारी करीमनगर के डिस्ट्रिक्‍ट मेडिकल हेल्‍थ अधिकारी ने दी है। इससे पहले भी कुछ राज्‍यों के स्‍कूल-कॉलेज के स्टूडेंट्स में कोविड-19 की पुष्टि हो चुकी है।


स्कूल-कॉलेज में कोरोना के बढ़ते मामलों ने चिंताओं को बढ़ा दिया है। के चिकमंगलुरू में स्थित जवाहर नवोदय विद्यालय में कोरोना वायरस से के कम से कम 69 लोग संक्रमित पाए गए हैं। संक्रमितों में 59 विद्यार्थी हैं। किसी भी संक्रमित में संक्रमण का कोई लक्षण नहीं है। एक स्वास्थ्य अधिकारी ने इसकी जानकारी दी ।
स्कूल कॉलेज बंद करने पर करेंगे विचार : विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों में विद्यार्थियों के बीच कोविड​​-19 के मामले बढ़ने के साथ, कर्नाटक के प्राथमिक और माध्यमिक शिक्षा मंत्री बी सी नागेश ने कहा कि अगर स्थिति बिगड़ती है तो सरकार परीक्षा रोकने और स्कूलों को बंद करने से पीछे नहीं हटेगी। उन्होंने कहा कि विशेषज्ञों की राय है कि नियमित ऑफलाइन कक्षाएं आयोजित करने में कोई समस्या नहीं है।
नागेश ने यहां संवाददाताओं से कहा कि अगर परीक्षा और स्कूलों को रोकने की जरूरत पड़ी तो हम पीछे नहीं हटेंगे। मौजूदा स्थिति में सभी विशेषज्ञों की राय है कि कोई समस्या नहीं है।

मंत्री ने कहा कि सरकार प्रति घंटे के आधार पर कोविड-19 स्थिति की बारीकी से निगरानी कर रही है। उन्होंने कहा कि सरकार किसी भी समस्या से बचने के लिए वैकल्पिक व्यवस्था करेगी।

उन्होंने कहा कि यदि आवश्यक हुआ तो हम परीक्षा रोक देंगे। परीक्षाओं में मानक संचालन प्रक्रिया का बहुत सख्ती से पालन किया जाता है क्योंकि हम शारीरिक दूरी बनाए रखते हुए बैठने की व्यवस्था करते हैं। मंत्री ने लोगों से घबराने के लिए नहीं कहा क्योंकि इससे बच्चों की शैक्षणिक गतिविधियों पर असर पड़ेगा।
नागेश ने कहा कि
लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि इस साल हमने एक साल के बंद के बाद नियमित स्कूल शुरू किए। अगर स्कूल फिर से बंद हो जाते हैं तो बच्चों को कक्षाओं में वापस लाना मुश्किल होगा। उन्होंने माता-पिता को आश्वासन दिया कि अगर यह महसूस किया जाता है कि कोविड​​-19 की स्थिति बच्चों के स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाली है तो शिक्षा विभाग कड़े कदम उठाएगा।



और भी पढ़ें :