BIG NEWS: दिल्ली में बेकाबू हुआ कोरोना, टूटे सभी रिकॉर्ड, 1 दिन में 7437 मामले, 24 की मौत!

Last Updated: शुक्रवार, 9 अप्रैल 2021 (01:07 IST)
नई दिल्ली। दिल्ली में कोविड-19 के 7,437 नए मामले सामने आए हैं, जो इस साल का सबसे बड़ा दैनिक आंकड़ा है, जबकि संक्रमण के कारण 24 और लोगों की मौत हो गई, जिससे राष्ट्रीय राजधानी में मृतकों की संख्या बढ़कर 11,157 हो गई।

स्वास्थ्य विभाग के अनुसार संक्रमण दर भी पिछले दिन की 6.1 प्रतिशत से बढ़कर 8.1 प्रतिशत हो गई, क्योंकि पिछले कुछ हफ्तों में मामलों में काफी वृद्धि हुई है। इस वर्ष पहली बार एक दिन में 7,000 से अधिक नए मामले सामने आए हैं। पिछले दो दिन 5,000 से अधिक नए मामले आए थे।

दिल्ली में अब तक के सबसे अधिक दैनिक मामले 11 नवंबर को आए थे, जब 8,593 मामले आए थे, जबकि शहर में कोविड-19 से सबसे अधिक मौतें 19 नवंबर को हुई थीं, जिस दिन 131 मरीजों की मौत हो गई थी।
बुलेटिन में कहा गया कि एक दिन पहले 52,696 आरटी-पीसीआर जांच और 39,074 रैपिड एंटीजन जांच सहित कुल 91,770 जांच की गई थी। गुरुवार को संक्रमण के कुल मामले बढ़कर 6,98,005 हो गए। अब तक 6.63 लाख से अधिक मरीज वायरस से उबर चुके हैं।
नवीनतम बुलेटिन के अनुसार, बीमारी के कारण 24 और लोगों की मौत हो गई, जिससे मृतकों की संख्या बढ़कर 11,157 हो गई। दिल्ली में उपचाराधीन मरीजों की संख्या एक दिन पहले के 19,455 से बढ़कर 23,181 हो गई।
बुलेटिन में कहा गया है कि होम क्वारंटाइन में रखे गए लोगों की संख्या बुधवार के 10,048 से बढ़कर 11,367 हो गई, जबकि कंटोनमेंट की संख्या एक दिन पहले के 3,708 से बढ़कर 4,226 हो गई।
एम्स में होगी सिर्फ आवश्यक सर्जरी : कोविड-19 के बढ़ते मामलों के चलते एम्स में अब केवल आवश्यक सर्जरी ही की जाएगी। दिल्ली में कोविड-19 के मामलों में वृद्धि के बीच अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स) ने निर्णय लिया कि 10 अप्रैल से केवल बेहद जरूरी सर्जरी ही की जाएगी। सभी केंद्रों और विभागों के प्रमुखों को भेजे गए पत्र में एम्स के अधीक्षक डॉ डीके शर्मा ने कहा कि एम्स के निदेशक की अध्यक्षता में को रामलिंगस्वामी बोर्ड कक्ष में बैठक हुई। शर्मा ने बताया कि बैठक में निर्णय लिया गया कि कोविड-19 के प्रसार को रोकने के लिए ऑपरेशन थिएटर की सेवाओं को कम किया जाएगा।
दिल्ली नगर निगमों ने कोरोना वायरस के बढ़ते मामलों को देखते हुए कोविड-19 मृतकों के समय पर अंतिम संस्कार को सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाना शुरू कर दिया है। नगर निकायों ने शवदाह गृहों से लेकर कब्रिस्तानों में कोविड-19 मृतकों के अंतिम संस्कार के लिए अतिरिक्त व्यवस्था की है।

उत्तरी दिल्ली के महापौर जय प्रकाश के अनुसार, राष्ट्रीय राजधानी में लगभग 21 शवदाह गृहों और कब्रिस्तानों को कोविड-19 मृतकों के अंतिम संस्कार के लिए तय किया है।
उन्होंने कहा कि दिल्ली में वर्तमान में कोविड मामले तेजी से बढ़ रहे हैं, जो पिछली लहर की तुलना में अधिक खतरनाक है। कोविड के बढ़ते मामलों और मौतों के मद्देनजर भीड़ को संभालने के लिए श्मशान पर अधिक चबूतरे (प्लेटफार्म) बनाए गए किए हैं। दैनिक आधार पर, अगर और अधिक मौतें होती हैं, तो हम और अधिक प्लेटफार्म निर्धारित करेंगे।'

प्रकाश ने कहा कि उत्तरी दिल्ली के निगमबोध घाट में छह सीएनजी भट्टियां हैं, जिनमें से तीन कोविड मृतकों के दाह संस्कार के लिए आरक्षित हैं। प्रकाश ने कहा कि निगमबोध घाट के पास अब 120 प्लेटफार्म हैं, और उनमें से 10 लकड़ी वाले है। उत्तरी दिल्ली में श्मशान घाट पर एक दिन में लगभग 100-200 शवों का अंतिम संस्कार किया जा सकता है। मृतकों की संख्या अगर बढ़ती है, तो हम जरूरत के हिसाब से और व्यवस्था करेंगे।' दक्षिणी दिल्ली नगर निगम के अधिकारियों ने भी कहा कि कोविड​​-19 के कारण मरने वाले लोगों के समय पर और अंतिम संस्कार सुनिश्चित करने के लिए सभी व्यवस्थाएं की गई हैं।
राजनीतिकरण न हो : दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने बृहस्पतिवार को कहा कि कोरोना वायरस के खिलाफ लड़ाई केंद्र बनाम राज्य का मुद्दा नहीं है और इसका राजनीतिकरण नहीं किया जाना चाहिए। इसके एक दिन पहले ही केंद्र सरकार ने दिल्ली तथा कुछ अन्य राज्यों को कम टीकाकरण के संबंध में पत्र लिखा था।

केंद्र ने महाराष्ट्र, पंजाब और दिल्ली को स्वास्थ्यकर्मियों समेत सभी योग्य लाभार्थियों के औसत से कम टीकाकरण पर पत्र लिखा था। इसके साथ ही केंद्र ने कुछ गैर-भाजपा शासित राज्यों द्वारा टीके की कमी के आरोपों को खारिज कर दिया था।
जैन ने कहा कि शहर में टीकाकरण अभियान अच्छी तरह से चल रहा है। उन्होंने कहा कि मैं कहना चाहूंगा कि हमारी साझा लड़ाई कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ है, तथा यह राज्य बनाम केंद्र की बात नहीं है। इसलिए, हमें इस मुद्दे का राजनीतिकरण नहीं करना चाहिए, और एक साथ मुकाबला करना चाहिए।

दिल्ली में टीकाकरण अभियान के बारे में पूछे गए एक सवाल पर जैन ने कहा कि दिल्ली में टीकाकरण अभियान अच्छी तरह से चल रहा है, हमें कल टीकों की कुछ शीशियां मिली हैं। हमारे पास टीकों का भंडार 4-5 दिनों के लिए उपलब्ध है। हम अपनी मांग के अनुसार इसे लगातार प्राप्त करेंगे।



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