इस लेख के लिए टिप्पणियाँ बंद हो गयी है..

टिप्पणियां

ajay sharma

मुझे शर्म आती है ऐसे लोगों पर जो विद़वान बनने के लिये हमारे त्‍योहारों पर कुठाराघात करते हैं। इन्‍ही त्‍योहारों से भारत है, इन्‍ही त्‍योहारों से हमारी संस्‍कृृ‍िृृति है। ये त्‍योहार ही भारत को एक सूत्र में पिरोते हैं वर्ना स्‍वतंत्रता के लिये गणेश उत्‍सव मनाना शुरू नहीं किया गया होता। आपका तथाकथित बुद्धिजीवी वर्ग एक बार में 5 लीटर पानी टॉयलेट के फृलेश में बहा देता है लेकिन वह तो आपकी शान होगा। मुदृदे कई हैं बोलने के लिये करोडों जीवों की हत्‍या एक ही दिन में हो जाती है । गॉंवाोों में स्‍कूल, नदी पार करने की समस्‍या, सडक, बिजली कई विषय हैं उन पर बोलिये । त्‍योहारों का समय आया नहीं कि बस टर्र टर्र शुरू हो जाती है। आप मत चढाइये जल मगर इस तरह से त्‍योहारों पर कुठाराघात भी मत कीजिये।
X REPORT ABUSE Date 29-06-20 (03:50 PM)