15 अप्रैल को गुड फ्रायडे है, जानिए इस दिन का महत्व

वर्ष 2022 में 15 अप्रैल, दिन को गुड फ्रायडे मनाया जा रहा है। हर वर्ष ईसाई समुदाय प्रभु यीशु (Jesus Christ) की बलिदान की वर्षगांठ को ही गुड फ्राइडे के रूप में मनाता है। इससे पहले 40 दिनों में उपवास, ईशवचन, त्याग व तपस्या कर स्वयं को आध्यात्मिक रूप से वे दृढ़ बनाते हैं। ईसा मसीह केवल ईसाइयों के आराध्य पुरुष नहीं हैं। वे तो संपूर्ण मानव जाति का प्रतिनिधित्व करते हैं, क्योंकि सत्य, अहिंसा, प्रेम, क्षमा, त्याग ही मानवीयता के केंद्रबिंदु हैं और यही है।

शुक्रवार से लेकर पवित्र शनिवार की मध्यरात्रि तक 3 दिन कब्र में रहने के बाद ईस्टर के दिन प्रभु यीशु पुनर्जीवित हो गए। अत: पवित्र शुक्रवार के सारे घटनाक्रम सभी का ध्यान इसी दुख की ओर आकर्षित करते हैं और इसी सहनशीलता में ईश्वरीय महिमा के दर्शन करते हैं।


यीशु का संपूर्ण जीवन एक ईश्वरीय योजना को पूरा करने के लिए था। उन्हें सलीब पर चढ़ाया जाना कोई अपवाद नहीं है। यीशु को तो पहले से ही ज्ञात था कि ईश्वर की इच्छा क्या है। ये सब जानने के बाद भी वे अपने दुश्मनों से मिलने चले गए। दुश्मनों के सामने उनका आत्मसमर्पण भी परमपिता की इच्छा के अनुसार ही था।

इस दिन ईसा मसीह के सूली पर चढ़ाए जाने की याद में उनके अनुयायी समस्त लौकिक सुविधाओं का त्याग कर देते हैं। गुड फ्राइडे एकमात्र ऐसा दिन है जिसका निर्धारण यहूदी करते हैं। यहूदी फरवरी माह में चांद देखकर इस दिन का निर्धारण करते हैं और गुड फ्राइडे के 40 दिन पहले आने वाले बुधवार से उपवास प्रारंभ हो जाते हैं। इस बुधवार को राख का बुधवार कहा जाता है। यह प्रथा कैथोलिकों द्वारा शुरू हुई।

प्रभु यीशु ने मानव सेवा प्रारंभ करने से पूर्व 40 दिन व्रत किया था शायद इसी वजह से उपवास की यह परंपरा शुरू हुई। गुड फ्राइडे की प्रार्थना दोपहर 12 से 3 के मध्य इसलिए की जाती है क्योंकि इसी दौरान यीशु को क्रॉस पर चढ़ाया गया था। पाप को कभी पाप से नहीं जीता जा सकता, केवल अच्छाई से ही उसे जीता जा सकता है। हिंसा को अहिंसा और घृणा को दुश्मन के प्रति प्रेम ही जीत सकता है, यही गुड फ्रायडे का संदेश है।

इस दिन को गुड फ्रायडे के अलावा होली फ्राइडे, ब्लैक फ्राइडे या ग्रेट फ्राइडे भी कहा जाता है।






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