फार्मा सेक्टर में हैं करियर की अपार संभावनाएं, जानिए इसके स्‍कोप के बारे में सबकुछ

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Last Updated: मंगलवार, 5 जुलाई 2022 (14:06 IST)
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- संदीप भट्ट
भारत दुनिया के सबसे बड़े बाजारों में से एक है। यहां हर क्षेत्र के उद्योग में अनंत संभावनाएं मौजूद हैं। देश में फार्मा सेक्टर भी एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें रोजगार और स्वरोजगार की दृष्टि से बहुत शानदार है।
भारत सरकार के फार्मास्यूटिकल डिर्पाटमेंट की 2020-2021 की रिर्पोट बताती है कि हमारे देश का फार्मा मार्केट दुनिया में तीसरे स्थान पर है। वित्तीय वर्ष 2019-2020 में भारतीय फार्मा इंडस्ट्री का टर्न ओवर 2 लाख 89 हजार 998 करोड़ रूपये का था। भारतीय फार्मा उद्योग में जेनरिक दवा,ओटीसी मेडिसिन, बायोफार्मास्यूटिकल्स, वैक्सीन, बल्क/एपीआई ड्रग्स, रिसर्च एंड मैन्युफैक्चरिंग आदि महत्वपूर्ण घटक हैं। इन सभी क्षेत्रों में अलग-अलग विशेषज्ञताओं वाले कार्य होते हैं। भारत के फार्मा उद्योग का देश की जीडीपी का कुल 1.72 प्रतिशत है। हमारे देश का फार्मा उद्योग मिडिल ईस्ट, उत्तरी अमेरिका, दक्षिण एशिया, यूरोप आदि महाद्वीपों के कई देशों में अपने उत्पाद निर्यात करता है।

हजारों बड़ी और छोटी कंपनियां इंडियन फार्मा इंडस्ट्री की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए दिन-रात काम करती हैं। इस सेक्टर में मैन्युफैक्चरिंग, रिसर्च एंड डेवलपमेंट से लेकर मार्केटिंग, लीगल, पेटेंट आदि क्षेत्रों में लाखों लोग नौकरी तथा कंसल्टैंसी करते हैं। इस तरह देखें तो हमारे देश का फार्मा सेक्टर करियर के लिहाज से बहुत ही बेहतरीन सेक्टर है।

* ग्लोबल फार्मा सेक्टर में स्किल्ड और स्पेशलाइजेशन वाले प्रोफेशनल्स की भारी डिमांड
*इंडियान फार्मा इंडस्ट्री में जेनरिक दवाओं, बायोफार्मा, ड्रग्स रिसर्च एंड मैन्युफैक्चरिंग में बहुत स्कोप मौजूद
*कोविड के बाद वैक्सीन और एडवांस रिसर्च के फील्डस में भारी डिमांड

फार्मा सेक्टर में कैसे करें एंट्री?
फार्मा सेक्टर एक ऐसा क्षेत्र है जिसमें डिप्लोमा से लेकर रिसर्च और स्पेशलाइजेशन के कई कोर्सेस मौजूद हैं। भारत फार्मा सेक्टर में विश्व का एक अग्रणी देश है। फार्मेसी में एंट्री की जहां तक बात है तो इसके लिए साइंस बैकग्राउंड होना जरूरी है। मैथ्स, बॉयोलॉजी और फिजिक्स, कैमेस्ट्री में 12वीं पास स्टूडेंट्स फार्मेसी में डिप्लोमा(डी फार्मा) तथा बैचलर इन फार्मेसी (बी फार्मा) कोर्सेस में ऐडिमशन ले सकते हैं। डीफार्मा और बी फार्मा आदि कोर्सेस में इसमें कोई स्पेशलाइजेशन नहीं होता है। इसके बाद हायर लेवल पर मास्टर इन फार्मेसी (एम फार्मा) कोर्स होता है जिसमें स्पेशलाइजेशन होते हैं। अगर कोई स्टूडेंट फार्मा रिसर्च के क्षेत्र में काम करना चाहता है तो डाक्टरेट कोर्स करने का विकल्प भी है।

पालिटेक्निक, गर्वनमेंट यूनिवर्सिटीज और प्राइवेट इंस्टिट्यूट्स में यूजी, पीजी और डिप्लोमा कोर्सेस उपलब्ध हैं। प्रवेश की प्रक्रिया के लिए कई संस्थान परीक्षा लेते हैं तो कहीं-कहीं सीधे प्रवेश भी मिल जाता है। नेशने लेवल पर रिसर्च के बेहतरीन इंस्ट्यिटस भी हैं जिनमें प्रवेश परीक्षाओं के माध्यम से प्रवेश होता है।

*सांइस सब्जेक्ट्स के साथ 12वीं के बाद सीधे प्रवेश
*डिप्लोमा, या डिग्री करने के आप्शंस मौजूद

स्पेशलाइजेशन करना होता है बेहतर
किसी भी फील्ड में आगे बढ़ने के लिए स्पेशलाइजेशन की हमेशा से ही डिमांड रहती है। फार्मा सेक्टर भी बहुत बड़ा क्षेत्र है। इसमें जितना आपका स्पेशलाइजेशन होगा करियर स्कोप भी उतना ही बेहतर होगा। फार्मा सेक्टर एक ऐसा फील्ड है जो काफी तेजी से फल-फूल रहा है। यही कारण है कि इसमें करियर के स्कोप भी तेजी से बढ़ रहे हैं। मोटे तौर पर फार्मा इंडस्ट्री में फार्मास्यूटिक्स, मेडिसिनल कैमेस्ट्री बायो फार्मास्यूक्सि, ड्रग रेग्युलेटरी अफेयर्स, फार्मास्यूटिकल बायोटेक्नीक्स, ड्रग डेवलपमेंट, फार्मा क्वालिटी ऐश्योरेंस, फार्मा टेक्नोलाजी, फार्मा मार्केट मैनेजमेंट, आदि विशेषज्ञता वाले क्षेत्र है।

रिचर्स एंड डेवलपमेंट
फार्मा सेक्टर में हमेशा एडवांसमेंट पर काम चलता रहता है। यहां आर एंड डी याने रिसर्च और डेवलपमेंट पर बहुत जोर दिया जाता है। इस कारण फार्मा रिसर्च में भी बहुत स्कोप है। फार्मा सेक्टर में रोजाना नई-नई दवाइयों की खोज के साथ ही उनके डेवलपमेंट के प्रोजेक्ट्स पर काम होता है। फार्मा रिसर्च और डेवलपमेंट सेक्टर में भी जेनेरिक मेडिसिन का विकास, रिसर्च व एनालिसिस, बल्क ड्रग आर एंड डी जैसी श्रेणियों में काम होता है। इन सभी क्षेत्रों में काम करने के लिए स्पेशलाइजेशन होना चाहिए। इसके अलावा क्लिनिकल रिसर्च, फार्मा मार्केट रिसर्च, कैमिकल ऐनालिसिस आदि क्षेत्रों में फार्मा रिसचर्स की खूब डिमांड है। कोविड काल में पूरी दुनिया ने देखा भी है कि फार्मा सेक्टर में कोरोना से लड़ने वाली दवाइयों और वैक्सीन आदि के रिचर्स में लीडिंग फार्मा कंपनियां दिन-रात काम करती रहीं। हेल्थकेयर सेक्टर में हमेशा ही डिमांड बनी रहती है इसलिए फार्मा क्षेत्र में भी हमेशा तेजी बनी रहती है। यही कारण है कि फार्मा रिसर्चस की हाइ डिमांड है। ये एक एडवांस स्पेशलाइजेशन है लेकिन इसमें सैलरी और इंसेटिव्स आदि बहुत ही शानदार होते हैं।

नौकरियां कहां-कहां
फार्म सेक्टर में खूब रोजगार हैं। अगर आप फार्मा का कोई कोर्स कर रहे हैं तो कोर्स करते हुए इंटर्नशिप जरूर करें। इंटर्न करने से विद्यार्थी को उस कार्यक्षेत्र का अनुभव प्राप्त होता है। इसके बाद अलग-अलग किस्म का रोजगार आपको आसानी से मिल सकता है। आप फार्मसिस्ट बतौर या फिर फार्मा इंडस्ट्री में मैन्युफैक्चरिंग, क्वालिटी कंट्रोल, मार्केटिंग, सेल्स, क्लिनिकल रिसर्चर, मार्केट रिसर्च, सेक्टर ऐनालिस्ट मेडिकल राइटर, ऐनालिटिकल केमिस्ट, रेग्युलेटरी अफेयर से लेकर रिसर्च एंड ड्रग डेवलपमेंट तक के अलग-अलग काम कर सकते हैं। आपके अनुभव और स्पेशलाइजेशन के आधार पर सैलरी भी अलग-अलग होगी।

आमतौर पर कोर्स करने से लेकर बेसिक ट्रेनिंग के बाद एक फार्मा प्रोफेशनल को औसत 20 से 25 हजार की सैलरी मिलती है। एक बात ध्यान रखने की है कि फार्मा कोर्स करने के बाद आप इसके किस स्पेशलाइज फील्ड को को अपने लिए बतौर करियर चुनते हैं। हर फील्ड की अपनी डिमांड है। इसीलिए फार्मा के हर स्पेशलाइज्ड फील्ड में एक्सपर्टाइज के हिसाब से सैलरी मिलती है। फार्मेसी में सरकारी नौकरियां भी खूब हैं। जिला अस्पतालों से लेकर कम्युनिटी सेंटर तक फार्मासिस्ट के पदों पर फार्मेसी की डिग्री और डिप्लोमाधारियों के लिए रोजगार के अच्छे अवसर मौजूद हैं। अगर आप फार्मा सेल्स में काम करते हैं तो एक मेडिकल रेप्रजेंटेटिव या एमआर को भी शुरूआती दौर में 10 से 15 हजार के बीच सैलरी मिलती है। इसके साथ कुछ इसेंटिव्स भी मिलते हैं। फार्मा सेक्टर में रेग्युलेटरी याने कानूनी मसलों पर कंसल्टैंसी का करियर भी बहुत अच्छा विकल्प है। अनुभव बढ़ने के साथ सैलरी लाखों तक भी जा सकती है। फार्मा रिसर्चर भी बहुत स्कोप वाला सेक्टर है जिसमें एडवांसमेंट का काम होता है।

यहां शुरूआती तौर पर आपको 40-50 हजार रुपये की बीच

सैलरी मिल सकती है। इसके साथ किसी फार्मा मैन्युफैक्चरिंग यूनिट में काम करने पर भी बहुत अच्छा सैलरी पैकेज मिल सकता है। अगर आपको लगता है कि आप इस फील्ड में डिग्री या डिप्लोमा तक ही पढ़ना चाहते हैं तो फार्मेसी का डिप्लोमा और डिग्री लेने के बाद आप खुद का मेडिकल स्टोर खोलकर स्वरोजगार भी कर सकते हैं। इस तरह करियर, इमप्लायमेंट, बेहतर सैलरी और सेल्फ इमप्लायमेंट की दृष्टि से फार्मा सेक्टर एक बहुत ही अच्छा विकल्प है। तो अगर आप किसी अच्छे करियर की तलाश में हैं तो फार्मेसी आपके लिए शानदार आप्शन हो सकता है।



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