सलमान खान का सही फैसला, दिखाएगा बॉलीवुड का राह!

भाई का कमिटमेंट, ईद पर एंटरटेनमेंट- ये लाइन लिखी है की आने वाली फिल्म 'राधे योअर मोस्ट वांटेड भाई' के नए पोस्टर पर। लग रहा था कि पिछली ईद की तरह इस बार भी सलमान अपना वादा नहीं निभा पाएंगे। कोरोना वायरस के कारण बिगड़ते हालात के कारण 'राधे' तय तारीख 13 मई को रिलीज नहीं हो पाएगी, लेकिन सलमान अपना वादा निभाने जा रहे हैं।

राधे एक वर्ष से बन कर तैयार है। रिलीज होने के लिए स्थिति सामान्य होने का इंतजार किया जा रहा था, लेकिन अभी ऐसा होना संभव नहीं लग रहा है। सिनेमाघर जाने की हिम्मत जुटा पाना फिलहाल संभव नहीं है। वैसे भी देश के ज्यादातर सिनेमाघर बंद हैं।



सलमान खान ने सिंगल स्क्रीन सिनेमाघर मालिकों से वादा किया था कि वे अपनी फिल्म ओटीटी पर नहीं बेचेंगे और सिनेमाघर में ही रिलीज करेंगे। ये वादा अब अधूरा सा निभाया जा रहा है। सलमान अपनी फिल्म सिनेमाघर के साथ-साथ विभिन्न डिजीटल मीडियम्स पर रिलीज करने जा रहे हैं।

सलमान ने तो अपनी फिल्म दे दी है, अब सिनेमाघर वाले इस हालात में नहीं है कि वे सिनेमाघर खोल कर फिल्म रिलीज कर सके। सलमान भी कब तक अपनी फिल्म की रिलीज को रोके रखते। लागत बढ़ती जाती और रिकवरी होना मुश्किल होता जाता। एक लाइन तो कहीं खींचनी ही थी।


भले ही सिनेमाघर मालिकों को सलमान का यह फैसला पसंद नहीं आए, लेकिन एक फिल्म निर्माता होने के नाते सलमान का यह फैसला सही है। कोरोना ने दुनिया उलट-पलट दी। मनोरंजन के क्षेत्र में कई नई चीजें हो रही हैं।

अमिताभ बच्चन, आयुष्मान खुराना, अक्षय कुमार की फिल्में सीधे ओटीटी पर रिलीज कर दी गई। अजय देवगन जैसा अभिनेता अब वेबसीरिज करने जा रहा है। मनोरंजन की दुनिया में बदलाव आ रहा है और उसे स्वीकारना ही होगा। यदि सलमान अपनी फिल्म की रिलीज रोके भी रखते तो भी सिनेमाघरों को ऑक्सीजन नहीं मिल पाती क्योंकि दूसरे फिल्म निर्माता और सितारे अपनी फिल्मों को इन माध्यमों पर दिखा ही रहे हैं।

राधे के जरिये सलमान ने एक नई राह दिखाई है। सिनेमाघर के साथ-साथ कई प्लेटफॉर्म्स पर फिल्म रिलीज कर दो। जिसे जहां देखना होगा, देख लेगा। इस फिल्म को टीवी पर भी देखने के लिए कई लोगों को पैसा चुकाना होगा। लाभ-हानि की बात की जाए तो यह राधे की रिलीज के बाद ही पता चलेगा।

यदि मुनाफा होता है तो सूर्यवंशी और 83 जैसी फिल्में भी इस राह पर जल्दी ही नजर आएंगी। नुकसान होता है तो दोष दूर किए जा सकेंगे। निश्चित रूप से बड़े परदे का अपना अलग मजा है, लेकिन कोरोना इंसानों के साथ इन्हें भी खत्म करने में लगा हुआ है।



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