Healthy Food - सावन सोमवार में पिएं ये 5 फलाहार एनर्जी ड्रिंक

Shravan Drinks
26 जुलाई से सावन सोमवार शुरू होने जा रहे हैं। कई सारे शिव भक्‍त महीनेभर तक सावन सोमवार करते हैं। लेकिन कोरोना के प्रकोप के बीच भक्ति के साथ सेहत का ख्‍याल रखना भी जरूरी है। फलाहार खाने पर इम्‍यून सिस्‍टम पर भी फर्क पड़ता है। क्‍योंकि बहुत सीमित में आहार खाते हैं और मिर्च मसाला बहुत अधिक नहीं होता है। इसलिए संपूर्ण महीने उपवास करते हैं तो कुछ फलाहार ड्रिंक है। जिसका सेवन आप कर सकते हैं, इससे शरीर को जरूरत पूर्ण एनर्जी मिलती रहेगी। तो आइए जानते हैं सावन सोमवार में किस तरह के फलाहार एनर्जी ड्रिंक का सेवन कर सकते हैं।

1. नारियल पानी - नारियल पानी में भरपूर पोषण होता है। जो शरीर को पूर्ण तरह से हाइड्रेट रखता है। इसलिए नारियल पानी का सेवन करते रहे। यह विटामिन ई भरपूर होता है।

2. लस्‍सी - यह बात जरूर है कि बारिश के सीजन में लस्‍सी सेहत के लिए सही नहीं है। लेकिन अगर आप दोपहर में 12 से 4 बजे के समय में पिएंगे तो वह आपको नुकसान नहीं करेगी। वहीं लस्‍सी बनाने के लिए दही को सुबह ही बाहर रख दें ताकि वह ठंडे से एकदम नॉर्मल हो जाए। दरअसल लस्‍सी का सेवन करने से ताकत मिलती है, शरीर में ऊर्जा बनी रहती है।

3.लौकी का जूस - लौकी के जूस में थोड़ा सा फरियाली नमक डालकर पी लिजिए। आपको पूरे दिनभर एनर्जी बनी रहेगी। लौकी में कई सारे पोषक तत्‍व मौजूद होते हैं जो आपके पाचन प्रक्रिया को भी मजबूत रखते हैं। यह दिल के लिए भी काफी अच्‍छा होता है। कब्‍ज में निजात मिलती है, बॉडी को डिटॉक्‍स का काम भी करता है।

4.पुदीना ड्रिंक - ताजे पुदीना पत्‍तों को पीस लें। इसके बाद उसमें सेंधा नमक और नॉर्मल पानी मिक्‍स कर लें। स्‍वाद अनुसार नींबू भी डाल सकते हैं। दरअसल पुदीने में एंटीऑक्सीडेंट होते हैं। साथ ही इसमें विटामिन सी, विटामिन ए और आयरन की भरपूर मात्रा होती है। इसलिए पुदीने का सेवन करना लाभदायक होगा।

5. कोकोनट क्रश - यह सिर्फ दूध और खोपरे से ही बनता है। इसका सेवन करने से आपको दिनभर भूख भी नहीं लगेगी और शरीर में तंदुरुस्ती बनी रहेगी। दूध के साथ ही नारियल पानी से इसको मिक्‍सर में घुमाया जाता है। और यह एक कण हो जाता है इसके बाद गिलास में सर्व किया जाता है। इसका सेवन करने से कैल्शियम और अन्‍य विटामिन्‍स की कमी नहीं होगी।

ध्‍यान रहे बरसात के मौसम में फलाहार ड्रिंक का सेवन दोपहर में 12 से 4 बजे की बीच ही करें। ताकि सर्दी, खांसी नहीं होगी।





और भी पढ़ें :