एथेनॉल के लिए वाहनों पर लगेंगे फ्लैक्सी इंजन : नितिन गडकरी

पुनः संशोधित शनिवार, 18 सितम्बर 2021 (17:03 IST)
नई दिल्ली। सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि पेट्रोल-की कीमतें आम आदमी की पहुंच से बाहर हो रही हैं, इसलिए सरकार जनता को राहत देने के लिए फ्लैक्सी इंजन लगे वाहन निर्माण की नीति बना रही है ताकि लोग डीजल-की जगह आसानी से एथेनॉल का इस्तेमाल कर सकें।
गडकरी ने कहा कि वे जल्दी ही वाहन निर्माताओं के लिए एक नीति बना रहे हैं जिसके तहत सभी वाहनों पर फ्लैक्सी इंजन लगाना ज़रूरी कर दिया जाएगा। इसके तहत वाहन मालिक अपने वाहन में पेट्रोल और डीजल की जगह एथेनॉल का इस्तेमाल कर सकता है।

उन्होंने कहा कि एथेनॉल का उत्पादन बड़ी मात्रा में करने की रणनीति पर भी काम चल रहा है। एथेनॉल गन्ना भूसा, धान आदि से तैयार होता है। उनका कहना था कि किसान अच्छी पैदावार कर रहा है और उसकी मेहनत का पर्याप्त लाभ उसे मिले इसमें स्वच्छ ईंधन एथेनॉल महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा कि देश में डीजल और पेट्रोल का 12 लाख करोड़ रुपए का आयात किया जाता है। एथेनॉल के इस्तेमाल से पेट्रोल और डीजल के आयात को कम करके अगर चार-पांच लाख करोड़ रुपए बचते हैं तो उसका फायदा किसानों को मिलेगा।

गडकरी ने कहा कि एथेनॉल का इस्तेमाल आसान हो इसके लिए चार पहिया, तीन पहिया, दुपहिया स्कूटर, मोटरसाइकल आदि सभी वाहनों में फ्लैक्सी इंजन लगाने की व्यवस्था कुछ ही महीने में कर दी जाएगी।
ALSO READ:
NCP नेता पवार की अमित शाह से मुलाकात, एथेनॉल मिश्रण से संबंधित मुद्दों पर हुई चर्चा
उन्होंने कहा कि वाहन मालिक को पेट्रोल पंप पर यदि 100 रुपए प्रति लीटर पेट्रोल के बदले बहुत कम दाम पर एथेनॉल उपलब्ध होता है तो निश्चित रूप से वह एथेनॉल का ही इस्तेमाल करेगा और इससे वाहन चालक और वाहन के मालिकों को भी फायदा होगा और लोग ईंधन के सस्ते विकल्प को आसानी से अपना सकेंगे।
ALSO READ:Simplified: आखि‍र क्‍या है पेट्रोल में मिलाया जाने वाला ‘एथेनॉल’, जानिए इसके फायदे-नुकसान
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि समय के अनुसार ईंधन का विकल्प भी आवश्यक है। स्वच्छ ऊर्जा देश की जरूरत है और प्रदूषण को कम करने के लिए यह आवश्यक हो गया है इसलिए पेट्रोल-डीजल की जगह एथेनॉल जैसी स्वच्छ ऊर्जा का इस्तेमाल ज़रूरी हो गया है।(वार्ता)



और भी पढ़ें :