मारुति सुजुकी सोनीपत में लगाएगी नया संयंत्र, पहले चरण में करेगी 11,000 करोड़ रुपए का निवेश

Last Updated: शुक्रवार, 13 मई 2022 (23:10 IST)
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नई दिल्ली। देश की सबसे बड़ी कार विनिर्माता कंपनी मारुति सुजुकी इंडिया (एमएसआई) ने शुक्रवार को कहा कि वह हरियाणा में स्थापित किए जाने वाले अपने नए विनिर्माण संयंत्र के पहले चरण में 11,000 करोड़ रुपए का निवेश करेगी। एमएसआई ने शेयर बाजार को नए विनिर्माण संयंत्र के बारे में जानकारी दी। इसके मुताबिक कंपनी जिले के आईएमटी खरखोदा में 800 एकड़ जमीन के आवंटन की प्रक्रिया पूरी कर ली है। इसके लिए कंपनी ने हरियाणा राज्य औद्योगिक एवं अवसंरचना विकास निगम लिमिटेड (एचएसआईआईडीसी) के साथ करार किया है।

कंपनी ने बताया कि नए संयंत्र का पहला चरण 2025 तक पूरा होने की उम्मीद है। इसकी उत्पादन क्षमता 2.5 लाख इकाई प्रतिवर्ष की होगी। नए संयंत्र के निर्माण से जुड़ी प्रशासनिक मंजूरियां ली जानी अभी बाकी हैं। एमएसआई ने कहा कि वह संयंत्र के पहले चरण पर 11,000 करोड़ रुपए से अधिक का निवेश करेगी। कंपनी ने कहा कि सोनीपत विनिर्माण संयंत्र में भविष्य में क्षमता विस्तार के लिए भी जगह होगी।

फिलहाल मारुति सुजुकी के 2 संयंत्र हरियाणा एवं गुजरात में सक्रिय हैं जिनकी कुल क्षमता करीब 5.5 लाख इकाई प्रतिवर्ष है। एमएसआई के अध्यक्ष ने बातचीत में कहा कि 11,000 करोड़ रुपए के निवेश में भूमि की लागत, प्रारंभिक उत्पादन लाइनों की स्थापना और अन्य सभी सहायक बुनियादी ढांचे की स्थापना शामिल है।
भार्गव ने कोई वित्तीय ब्योरा साझा किए बगैर कहा कि हम आगे बढ़ने के साथ-साथ और निवेश करेंगे। उन्होंने कहा कि इस संयंत्र से कंपनी को आने वाले समय में बढ़ती मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी। यह पूछने पर कि क्या कंपनी के गुरुग्राम स्थित संयंत्र की जगह लेगा? भार्गव ने कहा कि यह नया संयंत्र तैयार हो रहा है और यह अब से लेकर 2025 तक पैदा हुई मांग को पूरा करेगा। मुझे नहीं पता कि उसके आगे मांग कैसी होगी? हम गुरुग्राम संयंत्र को तभी बंद कर सकते हैं, जब मांग नहीं बढ़ेगी और हमें अतिरिक्त क्षमता की जरूरत नहीं होगी।
उन्होंने कहा कि भविष्य में बाजार की वृद्धि से संबंधित अनिश्चितताओं के कारण दीर्घकालिक योजनाओं को साझा करना संभव नहीं है। कंपनी ने पहले संकेत दिया था कि नया संयंत्र गुरुग्राम संयंत्र की जगह ले लेगा, जो गंभीर भीड़ के मुद्दों का सामना कर रहा है। यह पूछे जाने पर कि क्या नए संयंत्र का उपयोग इलेक्ट्रिक वाहन के विनिर्माण में किया जा सकता है? भार्गव ने कहा कि ऐसा हो सकता है।



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