मंगल राहु का अंगारक योग, देश में फैलेगी हिंसा और रोग

Last Updated: सोमवार, 27 जून 2022 (12:30 IST)
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Mangal rahu yuti 2022 : 27 जून 2022 को मेष राशि में प्रवेश करेगा जहां पहले से ही राहु विराजमान है। मंगल और राहु की युति मिलकर बनाती है। यानी मंगल ग्रह राहु के साथ विराजमान होकर और क्रूर हो जाता है, जिसके चलते देश और दुनिया में बहुत उथल पुथल मचती है। हालांकि मंगल का स्वयं की राशि मेष में होना रूचक नामक राजयोग का निर्माण भी कर रहा है।


देश दुनिया पर प्रभाव :
1. मंगल की तीन स्थितियां अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। जब ये स्वयं की अपनी राशि मेष और वृश्चिक में गोचर करते हैं। जब ये अपनी उच्च राशि मकर में गोचर करते हैं तथा जब यह अपनी नीच राशि कर्क में गोचर करते हैं।

2. मंगल वर्तमान में बृहस्पति की राशि में मित्रगृही होकर गोचर कर रहे हैं जो 27 जून को अपनी राशि में प्रवेश कर जाएंगे। मेष राशि में पहले से ही राहु गोचर कर रहे हैं। ऐसे में मंगल और राहु का संयुक्त प्रभाव अंगारक योग का निर्माण करेगा। यह युति इसलिए भी अशुभ मानी जा रही है क्योंकि जब शनि वक्री होंगे तो अपनी तीसरी दृष्‍टी इस युति पर डालेंगे जिसके चलते यह और खतरनाक हो जाएगा। शनि की कुंभ राशि के अंतर्गत यह दृष्टि 12 जुलाई तक रहेगी।
2. मंगल के इस राशि परिवर्तन का भारत और विश्व पर बड़ा प्रभाव पड़ेगा। मंगल अग्नि तत्व कारक ग्रह है अग्नि तत्व कारक के साथ में राहु का होना अग्नि तत्व में वृद्धि कराएगा। ऐसे में आग, सेना सैन्य तंत्र, पुलिस बल, चक्रवात, तीव्र गति से वायु चलने एवं वायुयान दुर्घटना के योग बनने की संभावना हैं।
3. आजाद भारत की कुंडली वृषभ लग्न की है। ऐसे में मंगल सप्तम एवं व्यय भाव के कारक होकर व्यय भाव मेष राशि में राहु के साथ गोचर करने जा रहे हैं जिसके परिणाम स्वरूप यह परिवर्तन मिलाजुला माना जा रहा है। भारत के पूर्वोत्तर में बाढ़ के हालात रहेंगे, जिसके चलते जन और धन की हानि होगी।

4. भारत में सैन्य तंत्र, पुलिस बल, आग, तीव्र गति से वायु चलने की संभावना, चक्रवात की संभावना, वाहन आदि जैसे ट्रेन में दुर्घटना और भूकंप के संकेत मिल रहे हैं। भारत में राजनीतिक अस्थिरता का निर्माण भी यह योग करेगा।

5. स्व:गृही होने के कारण मंगल रूचक नामक राजयोग का निर्माण भी करेगा। जिसका प्रभाव मेष से लेकर के मीन राशि के जातकों पर पड़ेगा।



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