सावन 2021 : 20 छोटे-छोटे उपाय, इस पवित्र माह में जरूर आजमाएं

 
Last Updated: बुधवार, 18 अगस्त 2021 (16:29 IST)
श्रावण पूर्णिमा अर्थात 22 अगस्त 2021 रविवार के दिन श्रावन माह समाप्त होकर भाद्रपद लग जाएगा। श्रावण माह के बचे हुए दिनों में आप 20 छोटे-छोटे करके सुखी हो सकते हैं।

1. श्रावण मास में हनुमानजी की पूजा इसीलिए महत्वपूर्ण मानी गई है क्योंकि हनुमानजी रुद्रावतार है। अर्थात श्री हनुमान शिव के रुद्र अवतारों में से एक हैं। हनुमानजी की पूजा करने से सभी तरह के संकट दूर हो जाते हैं।

2. रक्षा बंधन का त्योहार पूर्णिमा के दिन मनाया जाता है पूर्णिमा के देवता चंद्रमा है। इस तिथि में शिवजी के साथ चंद्रदेव की पूजा करने से मनुष्‍य का सभी जगह आधिपत्य हो जाता है। यह सौम्या तिथि हैं। दोनों की पूजा करने से घर में शांति और समृद्धि का वास होता है।

3. कहते हैं कि रक्षा बंधन पर हनुमानजी को राखी बांधने से वे भाई बहनों के क्रोध को शांत करके उनमें आपसी प्रेम को बढ़ा देते हैं।

4. यह भी कहा जाता है कि इस दिन गणेशजी की पूजा करने से भाई-बहन के रिश्‍ते में प्‍यार बढ़ जाता है।

5. श्रावण पूर्णिमा के दिन बहन को हर तरह से खुश रखने और उसे उसका मनपसंद उपहार देने से भाई के जीवन में भी गई खुशियां लौट आती हैं।

6. श्रावण पूर्णिमा के दिन एकाशना करने से भी सभी तरह के चंद्रदोष दूर हो जाते हैं।

7. श्रावण पूर्णिका मे दिन पितृ-तर्पण और ऋषि-पूजन या ऋषि तर्पण भी किया जाता है। ऐसा करने से पितरों का आशीर्वाद और सहयोग मिलता है जिससे जीवन के हर संकट समाप्त हो जाते हैं।

8. आपको यदि ये लगता है कि मेरे भाई को किसी की नजर लग गई है तो आप इस दिन फिटकरी को अपने भाई के उपर से सात बार वार कर उसे किसी चौराहे पर फेंक आएं या चूल्हे की आग में जला दें। इससे नजर दोष दूर हो जाएगा।

9. श्रावण माह में पूर्णिमा के दिन शिवजी के साथ ही जो माता पार्वती और नागदेव की पूजा करता है उसे शिवजी का आशीर्वाद प्राप्त होता है। मिट्टी के शिवलिंग बानकर उनकी विधिवत पूजा करें। साथ ही धतूरा, आंकड़े का फूल अर्पित करें।

10. इस माह की पूर्णिमा के दिन जो भी व्यक्ति नदी का जलभरकर लाता है और उससे शिवलिंग का अभिषेक करता है उसे शिवजी की आशीर्वाद प्राप्त होता है। जल और बेलपत्र चढ़ाएं।

11. श्रावण माह चातुर्मास पहला माह है। इस माह में श्राणव कथा और सत्संग, भजन और कीर्तन का बहुत महत्व है। श्रावण पूर्णिमा पर श्रावणी उपाकर्म करना चाहिए। इसे बहुत लाभ मिलता है।

12. श्रावण पूर्णिमा के दिन दशविधि स्नान करने का भी महत्व है। जैसे भस्म, मिट्टी, गोबर, गोमूत्र, दूध, द‍ही, घी, हल्दी, कुश और मधु से स्नान करने से कई तरह के लाभ मिलते हैं।

13. यदि घर में नकारात्मक शक्तियों का वास है या हमेशा कुछ अप्रिय घटनाएं होती हैं तो सावन के माह में चांदी या तांबे का त्रिशूल स्थापित करें।

14. गृहकलह से बचने के लिए सावन में पूजा स्थल पर तांबे के कलश में जलभर कर उसपर नारियल रखकर उसे पाट पर विधिवत पूजा करके स्थापित करें।

15. घर में श्रावण माह में सफेद चंदन लाकर रखें और प्रतिदिन इसका तिलक लगाकर ही घर से बाहर निकलें। इससे बनते काम यदि बिगड़ रहे हैं तो सुधरने लगेंगे और सभी समस्याओं से छुटकारा होगा।

16. आर्थिक समृद्धि के लिए श्रावण माह में चांदी के नंदी बनवाकर घर में लाकर विधिवत पूजन करके तिजोरी में स्थापित करें। इससे आर्थिक स्थिति बेहतर बनेगी।

17. सावन के महीने में घर में रुद्राक्ष का लाना शुभ माना जाता है। शिवजी के मंत्रों का जाप कर रुद्राक्ष को सिद्ध कर धारण साथ करने से भी व्यक्ति को कष्टों से छुटकारा मिलता है।

18. दांपत्य जीवन में सुधार के लिए पति पत्नी साथ मिलकर शिवजी का पंचामृत से अभिषेक करें। दोनों का रिश्ता मजबूत होगा।

19. सावन माह में माता पार्वतीजी को चावल की खीर अर्पित करने से सभी तरह की विपत्तियां दूर हो जाएंगी।

20. श्रावण पूर्णिमा के दिन एक नारियल लेकर उसे अपने उपर से 21 बार वारकर उसे बाहर किसी स्थान पर जला दें। ऐसा करने से सभी तरह के अला-बला और संकट दूर होंगे। ऐसा परिवार के सभी सदस्यों के सिर पर से 21 बार आर कर होम कर दें।



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