जुलाई : कैसा होगा यह माह देश-विदेश के लिए


 
> आकाशीय लक्षण :- जुलाई माह में सूर्य-बुध के आगे शुक्र के होने से अधिकांश ग्रहों के सौम्य, नीरा, अमृता नामक सप्त नाड़ी चक्रों में स्थित होने से कहीं-कहीं भारी वर्षा होगी। कहीं-कहीं वर्षा कम होगी। कहीं-कहीं खंडवृष्टि होगी। शनि-मंगल की षडाष्टक योग होने से प्राकृतिक प्रकोप से जन-धन की हानि होगी। 
 
दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, मध्यप्रदेश, राजस्थान, बिहार, असम, ओडिशा, कश्मीर, उत्तरप्रदेश, झारखंड, उत्तराखंड एवं छत्तीसगढ़ में कहीं तेज एवं कहीं-कहीं खंड वृष्टि होगी। >

 



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