2021 कैसा रहेगा : क्या बन रहे हैं अगले वर्ष युद्ध के योग?

2021 ki bhavishyavani
Last Updated: बुधवार, 23 दिसंबर 2020 (10:33 IST)
- आनंद बाबा (श्रीजी पीठ, मथुरा)
वर्ष 2020 तो लोगों को पीड़ा देने वाला सिद्ध हुआ है। ऐसे में से सभी को उम्मीद है परंतु ग्रह गोचर क्या कहते हैं और कैसा रहेगा यह वर्ष 2021? जानिए श्रीजी पीठ मथुरा के संत आनंद बाबा का ज्योतिषीय विश्लेषण।


हरि ॐ।। वर्ष 2020 समस्त पृथ्वीवासियों की वर्तमान पीढ़ी के लिए दैहिक व भौतिक रूप से अत्यंत कष्टकारी रहा। हमने अनेकों निर्दोष मनुष्यों को असमय काल के गाल में समाते हुए देखा। लगभग वर्षभर समय चक्र की कुंडली में कालसर्प योग का मानवता पर अत्यंत क्रूर प्रभाव रहा।

वर्तमान में हम आंग्ल नववर्ष 2021 में प्रवेश कर रहे हैं, इस दिन चन्द्रमा अपनी स्वयं की राशि कर्क तथा गुरु के नक्षत्र पुनर्वसु के बाद शनि के नक्षत्र में भ्रमण करेगा। अतः प्रथम चन्द्रमा जोकि प्राणी मात्र के लिए अमृत का ही स्वरूप होता है शनि के प्रभाव के कारण उत्पन्न कर रहा है। द्वितीय यहां देवगुरु बृहस्पति स्वयं शनि के घर मकर राशि में पहले से ही उपस्थित हैं। इनके कारण सभ्य प्रजाजनों को भी विभिन्न प्रकार की पीड़ाएं प्राप्त होंगी।

यदा जीव युतो मन्दो जीवाद्वासप्तमे स्थित:।
तदा प्रजा विनश्यन्ति भुयश्चान्न परीक्षय:।।

राजनैतिक दृष्टि के परिप्रेक्ष्य में जो एक-दूसरे को नीचा दिखाने का खेल अभी तक देखते आए हैं उसका और भी विस्तार होगा। कारण विशेष से एक प्रमुख राजनीतिक पार्टी की छवि भी धूमिल होगी। राष्ट्र के कुछ प्रमुख नेता परलोक गमन करेंगे। फरवरी माह के प्रथम में मकर राशि में छ: ग्रह एक साथ होंगे।

'षड वैग्रहा: ध्वन्ति समस्त भुपान'...

कुछ ऐसे ही योग के कारण वर्ष 1962 में भारत चीन का युद्ध हुआ था।

देश के शत्रु विभिन्न अवसरों की ताक में बैठे हैं। उनसे राष्ट्र को अल्पघात की संभावना मार्च अंत तक प्रबलता से बनी हुईं हैं। मार्च तक राष्ट्र विरोधी गतिविधियों से निपटने में सरकार सक्षम होगी। प्रभु कृपा से वर्ष के मध्य आमजन की पीड़ाओं में कमी आएगी व सम्पूर्ण राष्ट्र का मान बढ़ेगा।

देशहित में सरकार कई सकारात्मक निर्णय लेगी। जिससे प्रजाजनों में उल्लास बढेगा। सारांश में 2021 के मध्य के बाद देश का भविष्य उज्ज्वल ही रहेगा। प्रभु सभी का मंगल करें। सर्वे भवन्तु सुखिनः। इसी भावना के साथ आप सभी को आंग्ल नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं।



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