नवंबर 2012 : ज्योतिष की नजर से

Author पं. सुरेन्द्र बिल्लौरे|
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नवंबर में ग्रहों का एवं उनके प्रभावों का विश्लेषण प्रस्तुत है।


सूर्य का वृश्चिक राशि पर परिभ्रमण करने से उत्तर के देशों में सुख शांति रहेगी। पूर्व तथा दक्षिण के देशों में पीड़ा एवं पश्चिम के देशों में युद्ध आदि का भय बना रहेगा।

मंगल एवं बुध के भ्रमण से पृथ्वी पर मिला-जुला असर होगा। मंगल के कारण अशांति का वातावरण रहेगा और बुध के कारण शांति का वातावरण होगा। शुक्र के प्रभाव से चावल के भाव तेज होंगे। शनि सामान्य लाभ देगा।

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14 नवंबर को बुध वक्री होकर तुला में प्रवेश करेगा। इसके कारण पृथ्वी पर क्लेश-कलह। अशांति का वातावरण रहेगा एवं युद्ध का भय रहेगा। 17 नवंबर को सूर्य अपनी राशि परिवर्तन कर वृश्चिक राशि में प्रवेश करेगा। फलस्वरूप पश्चिम के देशों में सुख होगा। पूर्व तथा उत्तर के देशों में कष्ट रहेगा। दक्षिण के देशों में कष्ट होगा। 17 नवंबर को शुक्र भी अपनी राशि बदल कर तुला राशि में प्रवेश करेगा। फलस्वरूप पृथ्वी पर क्षेम व आरोग्यता रहेगी।
इस माह की कुंडली को आकाशीय दृष्टि से देखें तो सूर्य के आगे बुध होने से तेज वायु का प्रकोप व शीतलहर के रूप में होगा। कहीं-कहीं बूंदा-बांदी एवं वर्षा होगी। हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, दिल्ली, हरियाणा, पंजाब, राजस्थान, उत्तरप्रदेश व मध्यप्रदेश में हल्की वर्षा के साथ शीत लहर होगी।



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