चंद्र ग्रहण करेगा नववर्ष का स्वागत!

शुभ सूचक नहीं है नववर्ष का ग्रहण

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वर्ष 2009 में सर्वाधिक सूर्य व पड़े हैं। वहीं वर्ष के जाते-जाते भी एक ग्रहण इस वर्ष पड़ रहा है। यहाँ सबसे मुख्य बात है कि यह ग्रहण नववर्ष के शुरू होते ही पड़ेगा। जब लोग नववर्ष की खुशी मना रहे होंगे, तब यह अपने पूरे प्रभाव में आ जाएगा। कुल मिलाकर नववर्ष का स्वागत चंद्र ग्रहण से ही होगा।

इस संबंध में कुछ ज्योतिषियों ने अपनी चर्चा में कहा यह ग्रहण कुछ राशियों पर फलदायी तो कुछ पर कष्टदायी बताया। ज्योतिर्विद डॉ. एच.सी. जैन ने बताया कि वर्ष के आखिर में ये चंद्र ग्रहण 31 दिसंबर की मध्यरात्रि 12 बजकर 22 मिनट से 1 बजकर 24 मिनट तक चंद्र ग्रहण पड़ेगा, जो में दिखाई देगा।
भारत में खंडग्रास चंद्र ग्रहण का स्पर्श, मध्य और तीनों ही दिखाई देंगे। वहीं ग्रहण का रात्रि 12 बजकर 22 मिनट और मोक्ष 1 बजकर 24 मिनट पर होगा। ग्रहण का सूतक 31 दिसंबर दोपहर 3 बजकर 22 मिनट पर लगेगा। उन्होंने बताया कि इसका ग्रास 0.089 तथा कुल पर्वकाल 1 घंटा दो मिनट का रहेगा। ग्रहण के सूतक में खाना-पीना एवं मैथुन करना निषेध बताया गया है।

ज्योतिषाचार्य पं. जी.एम. हिंगे ने बताया कि वर्ष की शुरुआत में पड़ने वाला खंडग्रास चंद्र ग्रहण मिथुन राशि के जातकों पर सबसे ज्यादा भारी रहेगा। इस राशि के जातकों को विशेष सावधानी बरतते हुए उक्त समय काल में भजन, गुरुमंत्र के जाप के साथ दान आदि करना चाहिए। उन्होंने बताया कि खंडग्रास चंद्र ग्रहण मेष, सिंह, कन्या व मकर के लिए शुभ, वृषभ, तुला, कुंभ, धेनु पर मध्यम एवं मिथुन, कर्क, वृश्चिक व मीन के लिए अशुभ फलदायी होगा।

पं. हरिओम शर्मा ने बताया कि इस चंद्र ग्रहण की रचना आर्द्रा नक्षत्र में एवं मिथुन राशि मंडल पर मान्य है। ब्राह्मण, क्षत्रिय वर्ण, अधीक्षक, अभियंता, नीति-निर्देशक, सचिव, सभासद, आतंकवादी, उच्च उद्योगपति आदि के लिए ग्रहण शुभ सूचक नहीं है।

देश-संभाग के अनुसार पाकिस्तान, सिंध, बिहार, यमुना तटीय देश-नगर आदि के लिए भी ग्रहण शुभ सूचक नहीं है। वास्तु दृष्टि से तिलहन, तरल रस पदार्थ, सूत, कपास, सोना-चाँदी, मैंथी, तुअर, हल्दी, सरसों, लाल मिर्च, मसूर, इत्र आदि में तेजी आएगी।



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