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27 सितंबर 2021 से बुध तुला राशि में वक्री, 5 राशियों की बदल सकती है जिंदगी

सोमवार,सितम्बर 27, 2021
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यह व्रत और इस दिन की जाने वाली पूजा का दिवाली जैसे त्योहार से भी ज्यादा महत्व माना गया है....आइए जानते हैं कि कौन सी तारीख को पर्व मनाना शुभ है...
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धार्मिक शास्त्रों के अनुसार हिंदू धर्म में हर पूजन, आराधना और अर्चना चावल या अक्षत के बिना अधूरी मानी गई है। पूजन में चावल या अक्षत की उपयोगिता आश्चर्यजनक रूप से असरकारी मानी गई है।
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महालक्ष्मी पर्व यानी गजलक्ष्मी व्रत है। इस दिन को दीपावली से भी अधिक शुभ माना जाता है। पितृ पक्ष में आने वाले गजलक्ष्मी व्रत में अगर अपनी राशि अनुसार विधि-विधान से पूजन किया जाए तो महालक्ष्मी विशेष प्रसन्न होती हैं और जीवन में धन-समृद्धि आती है।
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गजलक्ष्मी व्रत के दिन हाथी की पूजा और महालक्ष्मी के गजलक्ष्मी स्वरूप की पूजा की जाती है। इस साल यह व्रत मत-मतांतर से 28 और 29 सितंबर को मनाया जा रहा है। इस व्रत में मिट्टी के गज बनाए जाते हैं।
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13 सितंबर 2021 से भाद्रपद मास में आने वाला 16 दिनों का महालक्ष्मी व्रत जारी है। इन खास दिनों में धन-वैभव देने वाली देवी माता महालक्ष्मी की विधि-विधिपूर्वक पूजन किया जाएगा तथा
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भाद्रपक्ष की शुक्ल अष्टमी (राधा अष्टमी) से लेकर श्राद्ध की अष्टमी तक महालक्ष्मी के विशेष आशीष झरते-बरसते हैं।
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महालक्ष्मी व्रत के दिनों में या किसी भी खास अवसर पर मां लक्ष्मी के 108 नामों का जप करने से वैभव, कीर्ति, ऐश्वर्य, धन-धान्य, सुख-संपत्ति, सौभाग्य और आरोग्य और सम्मान की प्राप्ति होती है।
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मां लक्ष्मी की पूजा से धन की प्राप्ति होती है। माता लक्ष्मी की पूजा कई प्रकार से होती है और पूजन सामग्री में एक होता है अष्टगंध। आओ जानते हैं कि माता लक्ष्मी किस तरह इससे प्रसन्न होती हैं।
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पितृ पक्ष में आने वाले गजलक्ष्मी व्रत पूजन की सरल प्रामाणिक विधि... व्रत को 16 वर्षों तक ही पूरे करना चाहिए। यदि परिस्थितिवश 16 वर्ष के बाद उद्यापन नहीं कर सकें, तो व्रत को आगे भी किया जाता रहे, जब तक कि उद्यापन न हो। यह व्रत आश्विन (क्वांर) कृष्ण ...
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आज आपका दिन मंगलमयी रहे, यही शुभकामना है। 'वेबदुनिया' प्रस्तुत कर रही है खास आपके लिए सप्ताह के 7 दिन के विशिष्ट मुहूर्त। अगर आप इन 7 दिनों में वाहन खरीदने का विचार कर रहे हैं
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वर्ष में चार नवरात्रि आती है। चैत्र माह में बड़ी नवरात्रि और आषाढ़ और आश्विन माह में शारदीय नवरात्रि, जिसे छोटी नवरात्रि कहते हैं। पहले साधना की और दूसरी साधना और उत्सव दोनों की होती है। यह दोनों ही नवरात्रि आम लोगों के लिए है जबकि आषाढ़ और माघ मास ...
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हमारे पौराणिक शास्त्रों में श्राद्ध पक्ष में आने वाली इंदिरा एकादशी का बहुत अधिक महत्व माना गया है। वर्ष 2021 में यह एकादशी 2 अक्टूबर, शनिवार को मनाई जा रही हैं।
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सूर्य के शुभ होने पर व्यक्ति का भाग्योदय हो जाता है। सूर्य देव की कृपा से व्यक्ति को जीवन में सभी तरह के सुखों का अनुभव होता है। आइए जानते हैं किन राशियों पर रहेगी सूर्य देव की कृपा...
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हर ग्रह शरीर के जिस अंग का प्रतिनिधित्व करता है उसी के अनुसार रोग होते हैं जैसे शुक्र काम कला का प्रतीक है तो समस्त यौन रोग शुक्र की अशुभता से ही होते हैं।
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25 सितंबर को वर्ल्ड ड्रीम डे अर्थात विश्‍व स्वप्न दिवस ( world dream day ) मनाया जाता है। सपने हमारी नींद का हिस्सा है। आओ जानते हैं सपनों के बारे में 25 अद्भुत जानकारियां।
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अगर घर में चींटियां निकल रही हैं तो यह आपके जीवन में होने वाली किसी बात को लेकर संकेत है।
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कुछ लोग हाथ में तांबे, पीतल या चांदी का कड़ा पहनते हैं। तांबा सूर्य ग्रह को, पीतल बृहस्पति ग्रह को और चांदी चंद्र ग्रह को बलवान करता है। हालांकि किसी ज्यो‍तिष की सलाह पर ही इसे पहनान चाहिए। आओ जानते हैं तांबे का कड़ा पहने के 10 फायदे और नियम।
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हिन्दू पंचांग के अनुसार कुछ व्रत या पर्व प्रतिमाह होते हैं परंतु हर माह उनकी कथा और महत्व अलग अलग होता है। आओ जानते हैं कि वर्ष में कौनसे व्रत प्रतिमाह आते रहते हैं।
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ज्योतिष विद्वानों के अनुसार राहु और केतु के कारण ही कालसर्प दोष लगता है और उसी के कारण जीवन में कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। जब कुंडली में सारे ग्रह राहु और केतु के बीच आ जाते हैं तो उसे पूर्ण कालसर्प योग कहते हैं। कालसर्प दोष 12 ...
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