तेनालीराम की कहानियां : जाड़े की मिठाई

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एक बार राजमहल में राजा कृष्णदेव राय के साथ और राजपुरोहित बैठे थे। जाड़े के दिन थे। सुबह की धूप सेंकते हुए तीनों बातचीत में व्यस्त थे, तभी एकाएक राजा ने कहा- ‘जाड़े का मौसम सबसे अच्छा मौसम होता है। खूब खाओ और सेहत बनाओ।’
खाने की बात सुनकर पुरोहित के मुंह में पानी आ गया। बोला- ‘महाराज, जाड़े में तो मेवा और मिठाई खाने का अपना ही मजा है, अपना ही आनंद है।’


‘अच्छा बताओ, जाड़े की सबसे अच्छी मिठाई कौन-सी है?’ राजा कृष्णदेव राय ने पूछा।




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