तेनालीराम की कहानियां : हाथियों का उपहार

WD|
FILE


राजा कृष्णदेव राय समय-समय पर को बहुमूल्य उपहार देते रहते थे। एक बार प्रसन्न होकर राजा ने तेनालीराम को पांच हाथी उपहार में दिए। ऐसे उपहार को पाकर तेनालीराम बहुत परेशान हो गया। निर्धन होने के कारण तेनालीराम पांच-पांच हाथियों के खर्चों का भार नहीं उठा सकता था, क्योंकि उन्हें खिलाने के लिए बहुत से अनाज की आवश्यकता होती थी।

तेनालीराम अपने परिवार का ही ठीक-ठाक तरीके से पालन-पोषण नहीं कर पाता था अतः पांच हाथियों का अतिरिक्त व्यय उसके लिए अत्यधिक कठिन था, फिर भी अधिक विरोध किए बिना तेनालीराम हाथियों को शाही उपहार के रूप में स्वीकार कर घर ले आया।



और भी पढ़ें :