दादा का निधन, पोते को नहीं देने दी परीक्षा

सूतक ने किया छात्र का साल बर्बाद..

शहडोल| भाषा| पुनः संशोधित शुक्रवार, 6 अप्रैल 2012 (09:42 IST)
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जिले की शासकीय ईश्वरदीन प्राथमिक पाठशाला, बरियानटोला बुढ़ार में कक्षा दूसरी के विद्यार्थी को महज इसलिए परीक्षा देने से वंचित कर दिया गया कि परीक्षा के दौरान उसके दादा का निधन हो गया।


प्रधानाध्यापक का तर्क है कि विद्यार्थी के दादा का निधन हो जाने से उसे लगा है। वह अशुद्ध हो गया है, इसलिए किसी को छूने लायक नहीं है।

पुलिस में शिकायत : बरियानटोला वार्ड क्रमांक-तीन बुढ़ार निवासी राकेश कुमार बर्मन गुरुवार को परीक्षा देने से वंचित अपने पुत्र नवीन बर्मन को लेकर थाने पहुंचा और मामले की लिखित शिकायत की।

शिकायत में कहा गया है कि नवीन को परीक्षा से वंचित कर दिया गया है। राकेश बर्मन ने बताया कि दो अप्रैल को उसके पिता जगदीश प्रसाद बर्मन का निधन हो गया और उसी दिन पुत्र नवीन की परीक्षा भी थी।


नवीन परीक्षा देने के लिए स्कूल गया तो उसे प्रधानाध्यापक ने यह कहकर लौटा दिया कि उसके दादा (बाबा) का निधन हो गया, जिससे उसके घर में सूतक लग गया है। ऐसी स्थिति में वह किसी को छूने लायक नहीं है और परीक्षा में भी नहीं बैठ सकता।
विद्यार्थी के पिता ने कहा है कि स्कूल जैसे स्थान पर इस तरह की बात करके उसके संवैधानिक अधिकारों का हनन किया गया है, जिससे उसे ठेस पहुंची है। साथ ही बच्चे को परीक्षा से वंचित कर उसके मन को भी ठेस पहुंचाई गई है।

मामला दर्ज नहीं, जांच शुरू : थाने में पुलिस कर्मचारियों ने बच्चे से पूछताछ की, लेकिन मामला दर्ज नहीं किया। बुढ़ार पुलिस ने बताया कि शिकायत मिली है, जिस पर जांच शुरू कर दी गई है। उप निरीक्षक केएस ठाकुर को जांच सौंपी गई है। पुलिस ने कहा कि मामला संवेदनशील है इसलिए गंभीरता से जांच करने के बाद ही कार्रवाई की जाएगी। (नईदुनिया)



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