बिहार बाढ़ : मृतक संख्या 126 हुई

पटना (भाषा)| भाषा| पुनः संशोधित बुधवार, 8 अगस्त 2007 (22:47 IST)
बिहार में इस वर्ष आई बाढ़ में अब तक नाव पलटने तथा डूबकर मरने वालों की संख्या बढ़कर 126 हो गई है, जबकि प्रमुख नदियों के जलस्तर में कमी होने की चलते बाढ़ की स्थिति में थोड़ा सुधार हुआ है। हालाँकि कई स्थानों पर अभी भी नदियाँ खतरे के निशान से उपर हिलोरे मार रहीं हैं।


राज्य के जल संसाधन विभाग के सूत्रों ने बुधवार को बताया कि मुजफ्फरपुर से 23, सीतामढ़ी से 15, पूर्वी चम्पारण में 18, दरभंगा में 34, सहरसा में 5 भागलपुर में 2, पश्चिमी चम्पारण में 4, कटिहार में 2, मधुबनी में 6, समस्तीपुर में 10 खगड़िया में 3 मधेपुरा में 1 और बेगूसराय में तीन व्यक्तियों की मृत्यु होने से कुल 126 लोगों की जान जा चुकी है।

बेगूसराय जिले में आज दो अलग-अलग घटनाओं में नाव पलटने से तीन बच्चों की डूबकर मृत्यु हो गई, जबकि दो अन्य व्यक्ति डूब गए और उनके शवों के तलाश जारी हैं। बेगूसराय के पुलिस उपाधीक्षक ने दोनों घटनाओं की पुष्टि करते हुए बताया कि बाढ़ के चलते दो शवों को तलाशने में दिक्कत का सामना करना पड़ रहा है।

केन्द्रीय जल आयोग सूत्रों ने बताया कि राज्य के नदियों के जलग्रहण क्षेत्र मे पिछले 48 घंटे से बर्षा थमने के चलते नदियों के जलस्तर में कमी आनी शुरु हो गई है।


सूत्रों ने बताया कि गंगा का पानी कलगाँव में खतरे के निशान से 33 सेमी उपर हैं, जबकि बूढीगंडक सिकन्दरपुर में 100 सेमी, समस्तीपुर में 273 सेमी, रोसडा मेच 254 सेमी और खगड़िया में 32 सेमी लाल निशान से उपर वह रही हैं।
सूत्रों ने बताया कि उफान मारती बागमती बेनीबाद में 80 सेमी, हायाघाट में 191 सेमी, कमतौल में खतरे के निशान से 45 से मी उपर पर है, जबकि कोशी बालतारा में 142 सेमी और कुरसेला में खतरे के निशान से 63 सेमी उपर बह रही है।



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