गदर आंदोलन का शताब्दी समारोह मना

WD| पुनः संशोधित शुक्रवार, 21 जून 2013 (17:53 IST)
अमेरिका। वर्ष 1913 में पंजाबी भारतीयों के एक गुट ने भारत को ब्रिटिश राज से मुक्त कराने के लिए एक विद्रोह की योजना बनाई थी। इतिहास में इसे के तौर पर जाना गया और अंतत: ने इस विद्रोह को कुचल दिया था।


इस आंदोलन के सदस्यों को आज स्वतंत्रता सेनानी माना जाता है और प्रतिवर्ष उन्हें याद किया जाता है। उल्लेखनीय है कि इस आंदोलन के कई नेता ब्रिटिश दमन से बचने के लिए अमेरिका भी चले गए थे।

सोलह जून को सेरिटोस, कैलिफोर्निया में इन स्वतंत्र सेनानियों को याद करने और सम्मानित करने के लिए शेरटन होटल में एक शताब्दी समारोह मनाया गया। इस समारोह को मनाने के लिए गदर आंदोलन के शहीदों के परिजन, समर्थक और शुभचिंतक जमा हुए जिनकी संख्या करीब 200 थी। यह कार्यक्रम ग्लोबल आर्गनाइजेशन ऑफ पीपुल ऑफ इंडिया ओरिजन (जीओपीआईओ) द्वारा आयोजित किया गया।

कार्यक्रम के दौरान 90 मिनट का एक सेमिनार रखा गया जिसमें भारतीय काउंसल जनरल, एन.पार्थसारथी और कैलिफोर्निया के रिपब्लिकन सीनेटर एड रॉयस मौजूद थे जिन्होंने गदर हीरोज को याद किया। इसके साथ ही देशभक्तिपूर्ण गानों और गदर कविताओं को भी पढ़ा गया।


इस अवसर पर प्रसिद्ध लेखक-शिक्षाशास्त्री स्टानली वोलपर्ट ने गदर हीरोज सोहन सिंह भाकना, लाला हरदयाल, करतार सिंह सराभा, भाई भगवान सिंह और करात सिंह डुक्की के बारे में जानकारी दी।



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