'कैट' बनी परीक्षार्थियों की मुसीबत

राज्यसभा में भी शिवसेना ने मुद्‍दा उठाया

नई दिल्ली| भाषा|
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में दाखिले के लिए कंप्यूटर आधारित कैट परीक्षा देने वाले विद्यार्थियों की मुश्किलें बदस्तूर जारी हैं और सोमवार को लगातार तीसरे दिन कंप्यूटर में तकनीकी गड़बड़ी की शिकायतें मिली हैं। राज्यसभा में भी शिवसेना ने परीक्षा की बदहाली का मुद्‍दा उठाया


मुंबई, बेंगलुरु और में कुछ केन्द्रों पर तकनीकी समस्याओं के चलते विद्यार्थी परीक्षा में शामिल नहीं हो सके। आईएमएस गाजियाबाद में स्थिति सबसे खराब रही, जहाँ विद्यार्थियों ने परीक्षा में शामिल नहीं होने की वजह से विरोध प्रदर्शन किया।
सात भारतीय प्रबंधन संस्थानों और कुछ अन्य बिजनेस स्कूलों में प्रवेश के लिए करीब 2.41 लाख विद्यार्थियों के कैट परीक्षा में शामिल होने की संभावना है।


कंप्यूटर आधारित कैट परीक्षा आयोजित कर रही अमेरिकी फर्म प्रोमीट्रिक ने उक्त घटनाक्रम पर टिप्पणी करने से इनकार किया। भारतीय प्रबंधन संस्थान द्वारा इस फर्म को कंप्यूटर आधारित कैट परीक्षा आयोजित कराने के लिए 4 करोड़ डॉलर का ठेका ठेका दिया गया है।

राज्यसभा में भी गूँज : राज्यसभा में आज शिवसेना ने कैट परीक्षा के सर्वर में आई खराबी के कारण सैकड़ों छात्रों को हुई परेशानी का मुद्दा उठाते हुए कहा कि युवा पीढ़ी के भविष्य के साथ खिलवाड़ नहीं किया जाना चाहिए।

शिवसेना के भरत कुमार राउत ने शून्यकाल में यह मामला उठाते हुए कहा कि पिछले शनिवार और रविवार को हुई कैट परीक्षा में तकनीकी खराबी के कारण कई छात्र इसकी ऑनलाइन परीक्षा के सर्वर में लॉगऑन ही नहीं कर पाए। उन्होंने कहा कि पहले कहा गया कि यह समस्या एक ही दिन रहेगी, लेकिन अगले दिन भी परीक्षार्थियों को इसी समस्या का सामना करना पड़ा।
उन्होंने कहा कि इस परीक्षा को ऑनलाइन बनाने का ठेका एक अमेरिकी कंपनी को दिया गया था। उन्होंने कहा कि कैट परीक्षा में करीब 50 प्रतिशत परीक्षार्थी भाग नहीं ले पाए। उन्होंने आईआईएम संस्थान से कहा कि वह इस मामले को गंभीरता से लेते हुए युवा पीढ़ी के भविष्य के साथ खिलवाड़ को रोके। (भाषा)



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