एयर इंडिया को 45 हजार हर्जाने का निर्देश

नई दिल्ली| भाषा| पुनः संशोधित सोमवार, 25 मार्च 2013 (17:56 IST)
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नई दिल्ली। दिल्ली के एक ने दो यात्रियों- पिता एवं पुत्र को बताए बगैर अंतिम घड़ी में उनके करने एवं उनके लिए वैकल्पिक इंतजाम नहीं करने पर एयर इंडिया को इन दोनों को 45,000 रुपए देने का निर्देश दिया है।


नई दिल्ली जिला उपभोक्ता विवाद निवारण फोरम ने एयरलाइन को मुआवजे के लिए उत्तरदायी माना और कहा कि टिकट रद्द करना एवं उन्हें विमान में सवार नहीं होने देना गलत था। एयर इंडिया की इस हरकत के चलते उन्हें अतिरिक्त कीमत पर दूसरी एयरलाइन के दो टिकट खरीदने पड़े।

सीके चतुर्वेदी की अध्यक्षता वाली पीठ ने एयर इंडिया को दिल्ली निवासी ओपी गुप्ता को 8,000 रुपए रद्द टिकट के रिफंड के रूप में, 7040 रुपए दूसरी एयरलाइन के टिकट खरीदने पर हुए अतिरिक्त खर्च के रूप में तथा 30 हजार रुपए हर्जाना के रूप में देने को निर्देश दिया।

गुप्ता ने शिकायत की थी कि उनके पास उनके और उनके बेटे के लिए मुंबई से दिल्ली वापस आने के लिए कंफर्ड टिकट थे लेकिन जब वे हवाई अड्डे पहुंचे तब उन्हें उड़ान में चढ़ने नहीं दिया गया। बाद में उन्हें 15,040 में दूसरी एयरलाइन के टिकट खरीदने पड़े। (भाषा)



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