सेना चुनौतियों का सामना करने को तैयार-एके एंटनी

नई दिल्ली| भाषा|
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गोला बारूद, हथियारों और विमानों की कमी के कारण रक्षा तैयारी प्रभावित होने के आरोपों के बीच सरकार ने कहा कि सेना किसी भी चुनौती का मुकाबला करने के लिए तैयार है।


लोकसभा में और राकेश सिंह के पूरक प्रश्न के उत्तर में रक्षामंत्री एके एंटनी ने कहा कि सेना के लिए गोला बारूद एवं अन्य रक्षा सामग्री की कमी एक दिन की बात नहीं है, बल्कि इसकी ऐतिहासिक पृष्ठभूमि है।

उन्होंने कहा कि किसी भी सेना में तीन तरह के रक्षा उपकरण होते हैं, जिसमें से अत्याधुनिक हथियार, समसामयिक और पुराने पड़ चुके हटाए जाने योग्य हथियार। मैं कमी की बात से इंकार नहीं कर रहा हूं या इसका बचाव करने का प्रयास नहीं कर रहा हूं, लेकिन भारतीय सेना दुनिया की सर्वश्रेष्ठ सेना में शामिल है और हमारा 47 देशों के साथ रक्षा सहयोग है।

एंटनी ने कहा कि थलसेना, नौसेना और वायुसेना के प्रमुखों का प्रधानमंत्री या रक्षामंत्री को पत्र लिखना कोई नई बात नहीं है। जब भी सेना के प्रमुख जरूरत समझते हैं, पत्र लिखते हैं।


उन्होंने कहा कि इस वर्ष मार्च में सेना प्रमुख के प्रधानमंत्री को पत्र लिखे जाने के बाद हमने सेना प्रमुखों और रक्षा अधिकारियों के साथ दो बैठक की। हमने इस दौरान कुछ कमियों का पता लगाया और प्रक्रियाओं की गति को तेज करने का निर्णय किया।
रक्षामंत्री ने कहा कि सेना किसी भी चुनौती का मुकाबला करने के लिए पूरी तरह से तैयार है। प्रश्नकाल के दौरान विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने सेना में गोला बारूद की कमी के मद्देनजर खरीद प्रक्रिया को तेज नहीं किए जाने के बारे में सरकार से स्थिति स्पष्ट करने की मांग की थी।

सुषमा ने मांग की कि इस सवाल का पूरा उत्तर पूर्व में नहीं रखा गया। इसलिए लोकसभा अध्यक्ष मंत्री को इस बारे में निर्देश दें। उन्‍होंने कहा कि इस विषय पर ने नियम 193 के तहत इस विषय पर नोटिस दिया है। इसे स्वीकार कर चर्चा कराई जाए। (भाषा)



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