खेमका मुद्दा लिया जाए तो वंजारा मुद्दे पर चर्चा-भाजपा

नई दिल्ली| भाषा| पुनः संशोधित गुरुवार, 5 सितम्बर 2013 (22:21 IST)
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नई दिल्ली। भाजपा नेता एम. वेंकैया नायडू ने कहा कि आमतौर पर राज्यों से जुड़े मुद्दों पर में चर्चा नहीं होती है, पर अगर हरियाणा के आईएएस अधिकारी अशोक खेमका के विषय को संसद में लिया जाता है तब उनकी पार्टी गुजरात के पुलिस अधिकारी डीजी वंजारा के आरोपों पर चर्चा के लिए तैयार होगी।


नायडू ने कहा कि सत्तारूढ़ पार्टी ने वंजारा के आरोपों पर चुप्पी साध ली है क्योंकि उसे लगता है कि खेमका मुद्दे पर चर्चा करने से उसे असहज स्थिति का सामना करना पड़ सकता है। ने हालांकि इन आरोपों को खारिज किया है।

नायडू ने संसद भवन परिसर में संवाददाताओं से कहा, संसद में यह चलन रहा है कि राज्यों से जुड़े विषयों पर चर्चा नहीं होती है। अगर वे इसे बदलना चाहते हैं तो इस पर सहमति हो जाए। सभी राज्यों से जुड़े विषयों पर चर्चा हो जिसमें हरियाणा के छोटे किसानों का मुद्दा शामिल है। भाजपा का यही रूख है।

उन्होंने कहा कि संसद में कुछ लोग अपनी सुविधा के अनुरूप राज्यों का विषय उठाना चाहते हैं लेकिन अगर यह उनके अनुरूप नहीं होती तब इस पर चर्चा का विरोध करते हैं।


नायडू ने कहा, हमारा यही रूख है। अगर आप आईपीएस अधिकारी वंजारा के विषय पर चर्चा चाहते हैं तो हरियाणा के आईएएस अधिकारी खेमका के मुद्दे पर भी चर्चा करें। इस पर दूसरा पक्ष चुप हो जाता है, क्योंकि अगर चर्चा हुई तो सत्तारुढ़ पार्टी को असहज स्थिति का सामना करना पड़ेगा।
भाजपा के आरोपों को खारिज करते हुए कांग्रेस नेता रेणुका चौधरी ने कहा कि दोनों मुद्दों में कोई समानता नहीं है। उन्होंने कहा, यह अटपटी सी तुलना है। हम एक पुलिस अधिकारी की बात कर रहे हैं जिसने एक मुख्यमंत्री के खिलाफ स्पष्ट तौर पर लिखा है। आप राबर्ट वाड्रा को मुख्यमंत्री बनना चाहते हैं, हमें कोई एतराज नहीं है।

चौधरी ने कहा कि बुधवार को कई बार वंजारा के पत्र के विषय को उठाया गया और इन दोनों विषयों को तुलना करना बेतुका है। वंजारा के पत्र पर कांग्रेस नेता ने कहा कि उस व्यक्ति ने मुख्यमंत्री पर सुनियोजित एवं निर्मम हत्या का निर्देश देने का आरोप लगाया है।
कांग्रेस के एक अन्य नेता पीएल पुनिया ने कहा कि तुलसीराम प्रजापति का विषय गंभीर मुद्दा है और मांग करते हैं कि मुख्यमंत्री नरेन्द्र मोदी को इस्तीफा देना चाहिए तथा उनके एवं राज्य के पूर्व मंत्री अमित शाह के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए। (भाषा)



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