सोमनाथ को 'महिला आरक्षण' की चिंता

नई दिल्ली (भाषा)| भाषा|
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को अपने कार्यकाल में पारित नहीं होने का अफसोस है। उनका कहना है भारत की एक अरब से ज्यादा आबादी की करीब आधी महिलाएँ हैं, लिहाजा उनके सशक्तीकरण का सवाल बेहद महत्वपूर्ण है।


के 86वें दीक्षांत समारोह में सोमनाथ चटर्जी ने कहा कि मैं दिल्ली विश्वविद्यालय प्रशासन से हार मानता हूँ। मैं महिला आरक्षण विधेयक को पारित नहीं करा सका, जबकि विश्वविद्यालय ने अपने यहाँ कोटा लागू कर रखा है।
पिछले हफ्ते लोकसभा के अंतिम सत्र की कार्यवाही की अध्यक्षता करने वाले चटर्जी संसद तथा राज्य विधानसभाओं में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिलाने संबंधी विधेयक के पक्षधर हैं।


उन्होंने कहा देश को लिंगभेद खत्म कर मुख्यधारा में महिलाओं की प्रभावी भागीदारी रोकने वाले अव्यावहारिक मूल्यों और सामाजिक रवायतों को दरकिनार करना होगा। समाज को महिलाओं को आर्थिक सामाजिक और शैक्षिक क्षेत्रों में मजबूत करने की दिशा में काम करना चाहिए। समारोह में 350 शोधार्थी और विद्यार्थियों को उपाधि तथा डिग्री प्रदान की गई।



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