चुनावी खर्च में भारत अमेरिका से आगे

लोकसभा चुनाव पर खर्च होंगे दस हजार करोड़

नई दिल्ली (भाषा)| भाषा|
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दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में 15वीं लोकसभा के गठन के लिए होने वाले आम चुनावों का खर्च तकरीबन 10 हजार करोड़ रुपए बैठने का अनुमान है। यह राशि अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में बराक ओबामा और अन्य उम्मीदवारों की ओर से किए गए खर्च से कहीं अधिक है।


अमेरिकी फेडरल इलेक्शन कमीशन के समक्ष उपलब्ध सूचना के अनुसार ओबामा और अन्य उम्मीदवारों ने 2007-08 के राष्ट्रपति चुनाव में सामूहिक रूप से 1.8 अरब डॉलर 8000 करोड़ रुपए की धन राशि खर्च की।

सेंटर फॉर मीडिया स्टडीज (सीएमएस) की ओर से किए गए आकलन के अनुसार में करीब 10000 करोड़ रुपए (दो अरब अमेरिकी डॉलर) खर्च होने का अनुमान है।

इसमें आंध्रप्रदेश और उड़ीसा में कराए जाने वाले विधानसभा चुनाव में होने वाली खर्च की रकम शामिल नहीं है। दिलचस्प बात यह है कि जहाँ अमेरिकी चुनाव में एक साल से अधिक समय में यह राशि खर्च की गई, वहीं भारत में अनुमानित धन तीन-चार महीने में ही खर्च कर दिया जाएगा।

के विश्लेषण के अनुसार लोकसभा चुनावों में होने वाले 10000 रुपए के खर्च में एक चौथाई यानी 2500 करोड़ रुपए अनाधिकृत रूप से या उम्मीदवारों को प्रलोभन के रूप में दी जाएगी।

उल्लेखनीय है अमेरिका में हाल में हुए राष्ट्रपति चुनाव को बेहद खर्चीला माना गया था। वर्ष 2004 में हुए राष्ट्रपति चुनाव में खर्च की रकम से इसमें दोगुनी राशि खर्च हुई।
सीएमएस के अनुसार इसी प्रकार भारत में इस बार गत लोकसभा चुनाव के मुकाबले दोगुनी राशि खर्च होने की संभावना है। बताते हैं पिछले लोकसभा चुनाव में लगभग 4500 करोड़ रुपए खर्च हुए थे

सर्वे के मुताबिक उक्त राशि में से सरकारी खर्च 20 फीसदी होगा। इसमें चुनाव आयोग की ओर से 1300 करोड़ रुपए, जबकि 700 करोड़ रुपए विभिन्न केंद्रीय और सरकारी एजेंसियों द्वारा खर्च किए जाएँगे। यह राशि फोटो पहचान-पत्र ईवीएम और मतदान केंद्रों आदि पर खर्च की जाएगी।
इसके अलावा विभिन्न राजनीतिक दलों की ओर से अपने कोष से 1600 करोड़ रुपए की राशि खर्च किए जाने की संभावना है। इसमें से 1000 करोड़ रुपए की रकम कांग्रेस और भाजपा द्वारा खर्च किए जाने का अनुमान है।



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