मुलायम बोले- आडवाणीजी झूठ नहीं बोलते...

लखनऊ| भाषा|
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लखनऊ। केन्द्र की यूपीए सरकार और कांग्रेस से नाराज चल रहे सपा मुखिया मुलायमसिंह यादव ने भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी की तारीफ करते हुए कहा कि वे कभी झूठ नहीं बोलते।


दरअसल, मुलायमसिंह उत्तरप्रदेश में सत्तारूढ़ अपनी पार्टी के मंत्रियों को नसीहत दे रहे थे। उन्होंने कहा कि हमें शिकायत मिल रही है कि राज्य में भ्रष्टाचार बढ़ा है। यादव ने अपने मंत्रियों को समय देते हुए कहा कि वे सुधर जाएं अन्यथा हमें कुछ सोचना पड़ेगा।

यादव ने भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने एक बार उनसे कहा था कि अगर मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने उत्तरप्रदेश की कानून-व्यवस्था की स्थिति को अगर जल्द नहीं संभाला तो उन पर अक्षम प्रशासक का दाग लग जाएगा।

उन्होंने कहा कि आडवाणी जी झूठ नहीं बोलते हैं। मैं उनसे दोबारा मिलने जाऊंगा। हालांकि यादव ने अपने रुख में थोड़ी नरमी लाते हुए आरोप लगाया कि दिल्ली में वहां राज्य और केन्द्र सरकार के मौजूद होने के बावजूद उत्तरप्रदेश के मुकाबले 10 गुना ज्यादा अपराध होते हैं।


अखिलेश को नसीहत : उत्तरप्रदेश में सत्तारूढ़ समाजवादी पार्टी के मुखिया मुलायमसिंह यादव ने शनिवार को राज्य के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को ‘भय बिन होय ना प्रीत’ का पाठ पढ़ाते हुए सख्त प्रशासक होने की नसीहत दी और प्रदेश के मंत्रियों तथा अधिकारियों को ‘मौज-मस्ती तथा चापलूसी’ में ही व्यस्त रहने के लिए कड़ी फटकार लगाई।
यादव ने समाजवादी चिंतक डॉ. राममनोहर लोहिया की 103वीं जयंती पर आयोजित समारोह के दौरान प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर टिप्पणी करते हुए मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से तल्ख लहजे में कहा- ‘अखिलेश... शासन सीधेपन से नहीं बल्कि कड़ाई से होता है। जब तक अधिकारियों में शासन का डर नहीं बैठेगा, तब तक ठीक ढंग से काम नहीं होगा।

प्रदेश के थानों और तहसीलों को लूट के सबसे बड़े अड्डे करार देते हुए उन्होंने मुख्यमंत्री से कहा कि वह समयबद्ध समीक्षा करें और जिन जिलों में सबसे ज्यादा अपराध और अन्य गड़बड़ियां पाई जाएं वहां के जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए।
यादव ने अपने मुख्यमंत्री पुत्र से कहा कि जब तक जिम्मेदारी नहीं दोगे, तब तक जिम्मेदारी नहीं निभाई जाएगी। प्रदेश के मंत्री और नेता मौज-मस्ती कर रहे हैं और अधिकारी अपना काम निकालने के लिए उनकी चापलूसी कर रहे हैं। इससे समाजवादी सरकार की बदनामी हो रही है। यह सब नहीं चलेगा।

सपा प्रमुख ने मंत्रियों और नेताओं के खिलाफ अपने तेवर और कड़े करते हुए कहा कि जिन लोगों ने पार्टी को विधानसभा चुनाव में जिताया वे नीचे बैठे हैं और मंत्री यहां मंच पर विराजमान हैं।
यादव ने कहा कि कौन क्या कर रहा है, उन्हें सब पता है। उन्होंने कहा कि हम सब जानते हैं कि आज सरकार की क्या स्थिति है। मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी है कि वे सपा का घोषणापत्र लागू करें। उन्होंने मुख्यमंत्री से कहा कि अगर पार्टी का कोई नेता कहीं गड़बड़ी कर रहा है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाए।

उल्लेखनीय है कि यह पहला अवसर नहीं है जब सपा और भाजपा में निकटता देखने को मिली। इससे पहले संसद में भी इस तरह नजारे देखने को मिले हैं। हाल ही में बेनी प्रसाद वर्मा के बयान के चलते सुषमा स्वराज ने वर्मा की जमकर खबर ली थी और कहा था कि मुलायमसिंह यादव सदन के सम्माननीय नेता हैं।
इससे पहले मुलायम सिंह भाजपा अध्यक्ष राजनाथसिंह के भाषण की तारीफ कर चुके हैं। इतना ही नहीं उन्होंने यह भी कहा था कि यदि भाजपा अयोध्या और कश्मीर मुद्दा छोड़ दे हमें कांग्रेस को समर्थन देने की जरूरत ही नहीं पड़े। (वेबदुनिया/एजेंसी)



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