क्वात्रोच्चि मामला, सीबीआई ने माँगे दो हफ्ते

नई दिल्ली (भाषा)| भाषा|
हमें फॉलो करें
बोफोर्स दलाली मामले में इटली के व्यापारी ओत्तावियो क्वात्रोच्चि के खिलाफ रेड ॉर्नर नोटिस वापस लेने के बाद विकल्पों पर गौर करने के लिए ने दिल्ली की एक अदालत से दो सप्ताह का समय माँगा है।


अतिरिक्त सॉलिसीटर जनरल पीपी मल्होत्रा ने मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट मनीष यदुवंशी की अदालत में एक स्थिति पत्र पेश कर कहा है कि सीबीआई को क्वात्रोच्चि के खिलाफ कार्रवाई के विकल्पों पर विचार करने के लिए दो सप्ताह के समय की जरूरत है।

संक्षिप्त सुनवाई के दौरान मल्होत्रा की दलील पर विचार करते हुए अदालत ने मामले की अगली सुनवाई तीन अक्टूबर नियत कर दी।

सीबीआई की ओर से 30 अप्रैल को अतिरिक्त सॉलिसीटर जनरल ने अदालत को बताया था कि क्वात्रोच्चि के खिलाफ जारी रेड कॉर्नर नोटिस पिछले साल नवंबर में वापस ले लिया गया। तब उन्होंने मामले में आगे की कार्रवाई तय करने के लिए दो माह का समय माँगा था।


क्वात्रोच्चि के खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस 1997 में जारी किया गया था, जिसे इंटरपोल ने सीबीआई से बातचीत करने के बाद वापस ले लिया।
बोफोर्स दलाली मामले में 70 वर्षीय क्वात्रोच्चि के अदालत में पेश न होने पर उसे भगोड़ा अपराधी घोषित कर दिया गया। यही वजह है कि उसके खिलाफ दो आरोप-पत्र दायर हो चुके हैं, लेकिन अब तक आरोप तय नहीं किए जा सके।

गौरतलब है कि स्वीडिश रेडियो ने आरोप लगाया था कि 155 एमएम होवित्जर निर्माता एबी बोफोर्स कंपनी ने 1,437 करोड़ रुपए का रक्षा सौदा हासिल करने के लिए शीर्ष भारतीय राजनीतिज्ञों और रक्षा अधिकारियों को दलाली दी थी। इसके तीन साल बाद 22 जनवरी 1990 में एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी।



और भी पढ़ें :