बारिश में स्त्री

SubratoWD
बारिश होती गई तेजतर

तीनों डूबने-उतराने लगे दृश्य में

जैसे नाविक लयबद्ध चप्पू चलाएँ

और महज आकृतियाँ बनते जाएँ

मैं ढीठ नजारा कर रहा था परदे की ओट से

तभी अचानक जागा गँदले पानी की चोट से

इस अश्लीलता की सजा

WD|
बारिश हो रही है तेजतरजैसे आत्मा पर बढ़ता बोझनशे में डोलता है जैसे संसार
पुराने टीवी पर लहराता है जैसे दूरदर्शन का लोगो
दृश्य में हिल रही है वह स्त्रीमाँज रही है बर्तन उलीचने लगती है बीच-बीच मेंघुटने-घुटने भर आया पानीतन्मयता ऐसी किकब हो गई सराबोर सर से पाँव तकजान ही नहीं पाईअंदाजा लगाना है फिजूलकि होगी उसकी कितनी उम्रलगता है कि बनी है पानी ही कीकभी दिखने लगती है बच्चीकभी युवतीकभी बूढ़ीशायद कुछ बुदबुदा रही है वहया विलाप कर रही है रह-रह करमैदान में बारिश से ज्यादा भरे हैं उसके आँसूथोड़ी ही देर में शामिल हो गई उसकी बेटीफिर निकला पति नंगे बदनहाथ में लिए टूटा-फूटा तसलावे चुनौती देने लगे सैलाब कोजो घुसा चला आता था ढीठ उनके संसार में
आखिरकार मिल ही गई मुझे।



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