सीबीएसई स्टूडेंट्‍स पढ़ेंगे रिटेल मैनेजमेंट

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ने शैक्षणिक सत्र 2012-13 से सीबीएसई स्कूलों में पायलट प्रोजेक्ट के तहत वोकेशनल विषय के रूप में रिटेल मार्केट कोर्स प्रारंभ किया है। इसे 11वीं व 12वीं में चौथे व पांचवें इलेक्टिव विषय के रूप में शुरू किया जा रहा है।


रिटेल कोर्स में बिजनेस डेवलपमेंट, सॉफ्ट स्किल और पर्यावरण जागरूकता कार्यक्रम को शामिल किया गया है। कक्षा 11वीं में प्रथम चरण के तहत रिटेल प्लानिंग एवं सर्विस की स्टडी होगी, जबकि 12वीं में दूसरे चरण के तहत रिटेल मैनेजमेंट व फेसिलिटी मैनेजमेंट की पढ़ाई होगी
सीबीएसई सूत्रों के अनुसार फिलहाल इस कोर्स की शुरुआत पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर की जा रही है। बाद में अच्छा रिस्पांस मिलने पर इसे मेन स्ट्रीम में शामिल किए जाने पर विचार किया जाएगा। सीबीएसई का मानना है कि भारतीय रिटेल बाजार में काफी संभावनाएं हैं।

17.6 मिलियन लोगों की जरूर

सीबीएसई की ओर से जारी सर्कुलर में कहा गया है कि भारत का रिटेल बाजार वर्ष 2022 तक 17 लाख 36 हजार करोड़ रुपए का हो जाएगा। इस बाजार को देखते हुए वर्ष 2022 में 17.6 मिलियन लोगों की जरूरत होगी।

वर्तमान में इस बाजार में लोगों की संख्या 0.3 मिलि‍यन है। इस लिहाज से देखें तो रिटेल मैनेजमेंट की पढ़ाई स्टूडेंट्‍स के लिए फायदेमंद होगी। बोर्ड के अनुसार स्कूलों को इस कोर्स के लिए थ्योरी की क्लास रूम व रिटेल लैब तैयार करना होगी।
इसमें छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान देने के लिए प्रशिक्षण की व्यवस्था भी होगी। कोर्स से संबंधित व स्टूडेंट्‍स की जानकारी के लिए सीबीएसई अपनी वेबसाइट भी लांच करेगा। (एजेंसियां)



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