वायदे नहीं, निष्पादन देखते हैं निवेशक-मुकेश

मुंबई (भाषा)| भाषा|
FILE
उद्योगपति मुकेश अंबानी ने कहा कि पूँजी बाजार अब उस कंपनी को तरजीह देता है जो वास्तविक संपत्ति पैदा करती है न कि उसे जो सिर्फ इसका आभास देती है। इसी तरह वायदे से अधिक कंपनियों को फंड जुटाने में मदद करते हैं।


रिलायंस इंडस्ट्रीकी सालाना आम बैठक में शेयरधारकों को संबोधित करते हुए कंपनी के अध्यक्ष और प्रबंध निदेशक अंबानी ने कहा कि वैश्विक वित्तीय संकट के बाद से कारोबारी दुनिया के बुनियादी तत्व बदल गए हैं।

अंबानी ने कहा कि कंपनियों को ऋण वायदे की बजाय निष्पादन से मिलता है। पूँजी बाजार अब उन कंपनियों को तरजीह देते हैं, जो आभासी संपत्ति की बजाय मौद्रिक संपत्ति पैदा करते हैं। अंबानी देश के सबसे बड़ी कंपनी के प्रवर्तक हैं। उन्होंने कहा कि अब मुआवजे भी काम की बजाय नतीजों से जुड़ गए हैं।

विदेशों में अधिग्रहण पर निगाह : बाजार पूँजीकरण के हिसाब से देश की सबसे बड़ी कंपनी ने अपने शेयरधारकों से कहा है कि वह अपना कारोबार तेजी से बढाने के लिए विदेशों में कंपनियों की खरीद, आक्रमक उत्खनन अभियान और क्षेत्र में निवेश पर ध्यान केंद्रित करेगी।

अक्षय ऊर्जा पर ध्यान : तेल और गैस क्षेत्र की प्रमुख कंपनी रिलायंस इंडस्ट्रीज अब अक्षय ऊर्जा खंड में भी अपनी वृद्धि पर ध्यान केंद्रित करेगी और कंपनी जैव ईंधन, सौर ऊर्जा और फ्यूल सेल की पायलट परियोजनाएँ शुरू करेगी।

पेट्रोरसायन परिसर का विस्तार : आरआईएल ने कहा कि वह अपने जामनगर पेट्रोरसायन परिसर का विस्तार करेगी। कंपनी ने हर साल 20 लाख टन ओलफिन की क्षमता जोड़ने की घोषणा की है। ओलफिन पॉलिमर के विनिर्माण में काम आने वाला प्रमुख कच्चा माल होता है।
देगी सस्ता खान-पान : उद्योगपति मुकेश अंबानी ने कहा कि रिलायंस रिटेल सभी प्रकार की वस्तुएँ विशेषकर सस्ता खाद्य पदार्थ हर प्रकार के ग्राहकों तक पहुँचाएगी। उन्होंने कहा कि कंपनी के 14 राज्यों में लगभग 1,000 स्टोर हैं और यह देश में सबसे बड़ी खाद्य रिटेलर है।



और भी पढ़ें :