रीयल्टी आईपीओ की निकल सकती है हवा

नई दिल्ली| भाषा| पुनः संशोधित रविवार, 29 नवंबर 2009 (22:41 IST)
में कदम रखने के लिए लाने की योजना बना रही कंपनियों के लिए आगे की राह आसान नहीं है। विश्लेषकों की राय में दुबई ऋण संकट इनके आईपीओ की हवा निकाल सकता है क्योंकि रीयल एस्टेट क्षेत्र को लेकर सतर्क हैं।


एम्मार एमजीएफ सहित करीब 9 रीयल एस्टेट कंपनियों ने बाजार नियामक सेबी के पास विवरण पुस्तिका सौंपी है और इन कंपनियों ने बाजार से करीब 15,000 करोड़ रुपए जुटाने का लक्ष्य रखा है।

एसएमसी कैपिटल्स के इक्विटी प्रमुख जगन्नधाम ठुनुगुंटला ने कहा कि अगर कुछ रीयल एस्टेट कंपनियाँ आईपीओ लाने की योजना टालती हैं तो इसमें कोई आश्चर्य नहीं होगा। दुबई ऋण संकट से निवेशकों का रीयल एस्टेट कंपनियों में विश्वास घटा है।

उन्होंने कहा कि एम्मार एमजीएफ जैसी कंपनियों के आईपीओ को बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ेगा। सेबी के पास जमा की गई विवरण पुस्तिका के मुताबिक, 9 रीयल एस्टेट कंपनियों ने आईपीओ के जरिए प्राथमिक बाजार से करीब 15,000 करोड़ रुपए जुटाने की योजना बनाई है।


इनमें एम्मार एमजीएफ का 4,000 करोड़ रुपए का इश्यू, सहारा प्राइम सिटी का 3,400 करोड़ रुपए का इश्यू, लोढ़ा डेवलपर्स का 2,700 करोड़ रुपए, बीपीटीपी का 2,000 करोड़ रुपए और गोदरेज प्रापर्टीज का 500 करोड़ रुपए का इश्यू शामिल है। (भाषा)



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