महिन्द्रा ज़ायलो: कम कीमत में ज्यादा का वादा

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भारत के मशहूर एसयूवी (स्पोर्ट्स युटिलिटी व्हीकल) स्कॉर्पियो की शानदार सफलता के बाद महिन्द्रा एंड महिन्द्रा ने भारतीय सड़कों पर 'कम कीमत पर ज्यादा फीचर्स' की तर्ज पर ज़ायलो को उतारा है। टोयोटा, इनोवा और शेवरलिट टवेरा को टारगेट कर इस वाहन को बनाने से पहले महिन्द्रा एंड महिन्द्रा ने देशभर में कार चालकों, विशेषज्ञों से राय जानना चाही। इसमें उन्होंने यहाँ तक ध्यान दिया कि लोग कार में किस प्रकार चढ़ते-उतरते हैं। लोगों की कार चलाने की आदतों और भारतीय सड़कों को ध्यान में रखते हुए ज़ायलो का निर्माण किया गया है। इस प्रोजेक्ट को 2006 में इंजीनियों का कोडनेम दिया गया था। दिसम्बर 2008 में नासिक में इसका निर्माण शुरू हो गया था।


इस वाहन में इल्युमिनेटेड स्पॉइलर, फोल्डेबल फ्लाइट ट्रे, डिजिटल ड्राइव असिस्टेंस सिस्टम, इंटेलिजेंट पार्क रिवर्स असिस्ट सिस्टम, ग्लॉस एंटिना जैसे आधुनिक और नए-नवेले फीचर्स तथा सफर को आरामदायक बनाने के लिए शानदार फ्लैट बैड फ्रंट सीट दी गई है। एबीएस सिस्टम और 112 बीएचपी के ताकतवर इंजन से लैस ज़ायलो में सबसे ज्यादा हैड रूम, लेग रूम, एल्बो रूम का दावा किया गया है जो कीमत के हिसाब से बिलकुल सही लगता है। महिन्द्रा एंड महिन्द्रा का दावा है कि भारत में पहली बार किसी वाहन के बाहरी ढाँचे से पहले उसका पैसेंजर कम्पार्टमेंट बनाया गया है। इंटीरियर भी आधुनिक तकनीक से सुसज्जित है जिसे एलीट क्लास को ध्यान में रखकर बनाया गया है।
हालाँकि कुछ ज्यादा ही ऊँची होने की वजह से ज़ायलो तीखे मोड़ों पर थोड़ा ध्यान से चलाने की आवश्यकता है पर एबीएस से लैस होने से कार पर नियंत्रण अच्छा रहता है। अगर कीमत की बात करें तो इसके चार वेरिएंट बाजार में उपलब्ध हैं - ई2, ई4, ई6 और ई8 6,24,000 रुपए से 7,69,000 रुपए तक खरीदे जा सकते हैं जो इसके प्रतिद्वंद्वियों के मुकाबले काफी कम हैं।

इस कार ने अपने पहले मानसून का भी बखूबी मुकाबला किया है और धीरे-धीरे भारतीय सड़कों पर अपनी पकड़ मजबूत कर रही है।



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