ऑफिस ओपन एक्सएमएल को आईएसओ की मान्यता

वाशिंग्टन | WD|
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14 महीनों के लंबे परीक्षण के बाद, आखिरकार ‘इंटरनेशनल स्टैंडर्डाइजेशन ऑर्गनाइजेशन’ (आईएसओ) और ‘इलेक्ट्रोटेक्निकल कमीशन’ (आईईसी) ने एक्मा नेशनल के ‘ड्राफ्ट नेशनल स्टैंडर्ड’ (डीआईएस) 29500: ऑफिस ओपन एक्सएमएल को प्रमाणित कर दिया है।

सूत्रों के अनुसार सभी अंतरराष्ट्रीय सदस्यों में से करीब 86 प्रतिशत वोट आईएसओ व आईईसी स्टैंडर्डाइजेशन के पक्ष में पड़े जबकि इसके लिए 75 प्रतिशत वोटों की आवश्यकता होती है। इसके अलावा, पार्टिसिपेटिंग नेशनल बॉडी मेंबर्स (या पी-मेंबर्स) में से 75 प्रतिशत ने इसको मानक बनाए जाने का समर्थन किया जबकि आवश्यकता 66.6 प्रतिशत समर्थन की थी। इस मानकीकरण के बाद अब ओपन एक्सएमएल एचटीएमएल, पीडीएफ और ओडीएफ के साथ चौथा ओपेन डॉक्युमेंट फॉर्मेट मानक बन गया है, जो आईएसओ द्वारा प्रमाणित है।


सभी अंतरराष्ट्रीय सदस्यों में से करीब 86 प्रतिशत वोट आईएसओ व आईईसी स्टैंडर्डाइजेशन के पक्ष में पड़े जबकि इसके लिए 75 प्रतिशत वोटों की आवश्यकता होती है।





माइक्रोसॉफ्ट के ‘इंटरऑपरेबिलिटी एंड स्टैंडर्ड’ के जनरल मैनेजर टॉम रॉबर्टसन ने बताया कि ओपन एक्सएमएल के लिए सबसे बड़ी खुशखबरी यह है कि करीब 86 प्रतिशत सदस्यों के वोट इसके पक्ष में पड़े हैं। इसका नतीजा उन उपभोक्ताओं, तकनीकी प्रोवाइडर्स और सरकार के पक्ष में होगा, जो इस फॉर्मेट की जरूरत को समझते हैं।

माइक्रोसॉफ्ट इंडिया के नेश्नल टेक्नॉलॉजी ऑफिसविजय कपूर के अनुसार ‘आईएसओ वोट इस बात का सबूत है कि आईटी की दुनिया में विभिन्न प्रकार के स्टैंडर्ड्स बेहद आवश्यक हैं। दुनिया भर के तकनीकी विशेषज्ञों, उपभोक्ताओं और सरकारों के इनपुट से ओपन एक्सएमएल में काफी सुधार हो गया है। माइक्रोसॉफ्‍ट अपने उत्पादों में ओपन एक्सएमएल को सपोर्ट करने के प्रति वचनबद्ध है और हम बीआईएस और सरकार व अन्य औद्योगिक मानक संस्थाओं के साथ मिलकर और अधिक इंटरऑपरेबिलिटी पाने का प्रयास करते रहेंगे।’

उनके अनुसार, ओपन एक्सएमएल ने आईटी क्षेत्र व उपभोक्ताओं को अधिक विकल्प, लचीलापन और इंटरऑपरेबिलिटी दी है, जो इस तथ्य से भी सिद्ध होता है कि भारत की प्रमुख आईटी सॉल्यूशन प्रोवाइडर कंपनियाँ वैश्विक व भारतीय उपभोक्ताओं के लिए आजकल इस फॉर्मैट को अन्य तकनीकी मानकों की अपेक्षा अधिक तरजीह दे रही हैं।
ओपन एक्सएमएल पर काम करने से उपभोक्ता को इस ओपन फाइल फॉर्मेट के जरिए फाइल एंड डेटा मैनेजमेंट, डॉक्युमेंट्स के संरक्षण, डेटा रिकवरी आदि सुविधाएँ बेहतर ढंग से उपलब्ध होंगी...







गौरतलब है कि ओपन स्टैंडर्ड का प्रसार दिनोंदिन बढ़ रहा है और यह अलग-अलग प्लैटफॉर्म्स, जैसे लाइनक्स, विंडोज, मैक ओएस और पाम ओएस पर उपयोग किया जा रहा है। वहीं विभिन्न सॉफ्टवेयर कंपनियाँ जैसे - एप्पल, कोरल, सन माइक्रोसिस्टम्स, माइक्रोसॉफ्ट और नॉवेल जैसी कंपनियाँ ओपन एक्सएमएल पर सॉल्युशन्स विकसित कर रही हैं।


कमाल की विशेषताएँ...
ओपन एक्सएमएल पर काम करने से उपभोक्ता को इस ओपन फाइल फॉर्मेट के जरिए फाइल एंड डेटा मैनेजमेंट, डॉक्युमेंट्स के संरक्षण, डेटा रिकवरी आदि सुविधाएँ बेहतर ढंग से उपलब्ध होंगी।

साथ ही ओपन एक्सएमएल फाइल फॉर्मेट के जरिए विभिन्न प्रकार के सिस्टम्स व डेटा को ओपन एक्सएमएल डॉक्यूमेंट्स से बेहद आसानी से इंटीग्रेट और कस्टमाइज जा सकता है। दूसरे शब्दों में, इसकी सहायता से संस्थाएँ विभिन्न प्रकार की ऐप्लीकेशन्स को बिना ट्रांसलेट किए, उनपर एक साथ काम कर सकेंगी। यह माना जा सकता है कि डेवलपर्स के लिए यह फॉर्मेट किसी वरदान से कम नहीं है।



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