ट्राई का मशविरा पत्र जारी

नई दिल्ली (वार्ता) | वार्ता| पुनः संशोधित बुधवार, 7 मई 2008 (11:17 IST)
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भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण 'ट्राई' ने दो 2.3, 2.4, 2.5, 2.69, 3.6 गीगा हर्ट्ज बैंड में स्पेक्ट्रम आवंटन तथा उसकी कीमत के बारे में मशविरा पत्र जारी कर सम्बद्ध पक्षों की राय माँगी है।


ट्राई ने 6 मई को जारी मशविरा पत्र में सम्बद्ध पक्षों से इस बारे में सुझाव माँगे हैं कि स्पैक्ट्रम पाने के लिए क्या योग्यता होनी चाहिए। प्रत्येक बोली लगाने वाले को कितना स्पैक्ट्रम दिया जाना चाहिए और इन बैंड में स्पैक्ट्रम का मूल्य क्या होना चाहिए। ट्राई ने कहा है कि उसने जब 3 जी तथा ब्राडबैंड वायरलेस एक्सेस सेवाओं के आवंटन तथा मूल्य के बारे में सितंबर 2006 में अपनी सिफारिश सरकार को दी थी उस समय 2.3, 2.4, 2.5, 2.69, 3.6 गीगा हर्ट्ज बैंड में स्पैक्ट्रम आवंटन के लिए उपलब्ध नहीं था।
इसलिए उसने निर्णय लिया था कि इन बैंड में स्पैक्ट्रम आवंटन के बारे में फैसला इसकी उपलब्धता के बाद ही किया जाएगा। ट्राई का मानना है कि इन बैंड के उपयोग से नई प्रौद्योगिकियों तथा सेवाओं के इस्तेमाल को बढ़ावा मिलेगा।

इन बैंड में मोबाइल सेवाओं की उपलब्धता से नई पीढ़ी की मोबाइल प्रौद्योगिकी को अपनाने का अवसर मिलेगा। उसका कहना है कि इन बैंड में स्पैक्ट्रम उपलब्ध होने की संभावना को देखते हुए स्पैक्ट्रम आवंटन तथा कीमत निर्धारित करने की विधि तय करने का निर्णय लिया गया है।



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