स्पेक्ट्रम आवंटन: अंतिम तारीख खिसकाने पर सवाल

भाषा|
नई दिल्ली, उच्चतम न्यायालय ने नई कंपनियों को 2जी मोबाइल सेवाओं के लिए स्पेक्ट्रम के आवंटन हेतु आवेदन की आगे पीछे खिसकाने के संबंध में दूरसंचार मंत्रालय के निर्णय पर आज सवाल उठाए।


मुख्य न्यायाधीश के जी बालकृष्णन, न्यायाधीश जे एम पंचाल और न्यायाधीश बी एस चौहान की पीठ ने पूछा कि आखिर क्यों पहले अंतिम तारीख को 25 से बढ़ाकर एक अक्तूबर किया गया और बाद में फैसले को पलट दिया गया।

जब केंद्र ने यह कहा कि समय सीमा को 25 सितंबर से बढ़ाकर एक अक्तूबर और बाद में इसे बदलकर पहले वाली समय-सीमा पर लाया गया, इस पर पीठ ने पूछा, ‘जब बड़ी संख्या में आवेदन आ चुके थे तब ऐसे में अंतिम तारीख को 25 सितंबर से बढ़ाकर एक अक्तूबर क्यों किया गया।’ न्यायालय ने केंद्र सरकार की दिल्ली उच्च न्यायालय के फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर यह सवाल किया।

दिल्ली उच्च न्यायालय ने अपने फैसले में अंतिम तारीख को आगे खिसकाने के केंद्र के फैसले को खारिज कर दिया था और उन लोगों के आवेदनों पर विचार करने का निर्देश दिया जिन्होंने स्पेक्ट्रम आबंटन के लिये एक अक्तूबर तक आवेदन जमा किया था। (भाषा)



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