जापान के आईटी उद्योग की रीढ़ बने भारतीय इंजीनियर

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टोक्‍यो, भारतीय के की रीढ़ बनकर उभरे हैं तथा और पेशेवर यहाँ का रुख कर रहे हैं।


जापान में कामकाजी लोगों की कमी है। जापान के सूचना प्रौद्योगिकी उद्योग में भारतीय सिस्टम इंजीनियरों की उपस्थिति दर्ज की जाने लगी है। वर्ष 2008 के अंत तक जापान में भारतीयों की संख्या लगभग 22,000 थी जो एक दशक पहले की तुलना में दोगुनी है।

सॉफ्टब्रिज सोल्यूशंस जापान कंपनी के निदेशक केनिची योशिदा ने कहा, 'आईटी दुनिया में भारत पहले ही अंतरराष्ट्रीय मानक है।' क्योदो संवाद समिति का कहना है कि भारतीय अभियंताओं को पाँच माह तक जापानी भाषा के अध्ययन के बाद विभिन्न जगहों पर काम पर भेजा जाता है।

टोक्‍यो के इदोगावा वार्ड में सबसे अधिक लगभग 2,200 भारतीय रहते हैं। जापान में इंजीनियरों के लिए वीजा नियमों में 2001 में छूट दी गई थी, कीमतें कम होने के कारण लोगों ने इस वार्ड को वरीयता दी।


लगभग तीस साल पहले जापान आये एक कंपनी के अध्यक्ष जगमोहन चंदरानी ने कहा, 'कुछ साल पहले यहाँ सिर्फ 20-25 साल आयु वर्ग के युवक दिखते थे। उनके परिवार वहीं देश में रहते लेकिन अब परिवार के साथ यहाँ रहने वालों की संख्या बढी है।' (भाषा)



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