कंपनियों के बीच प्रति सेकेंड का महासंग्राम

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एक जमाना था जब भारत में मोबाइल इस्तेमाल करने वालों को बात करने के अलावा बात सुनने के लिए भी पैसे खर्च करते पड़ते थे। समय के साथ मोबाइल उपभोक्ताओं की संख्या में तेजी से बढ़ोतरी हुर्ई। आलम यह हुआ कि आज परिवार के प्रत्येक सदस्य के पास अपना निजी मोबाइल फोन है। मोबाइल उपभोक्ताओं के साथ-साथ मोबाइल सेवा प्रदाताओं की संख्या भी आए दिन बढ़ती जा रही है। कंपनियों को अपना अस्तित्व बचाने के लिए ग्राहकों को नए-नए प्रलोभन देकर अपनी ओर आकर्षित करना पड़ रहा है।

पिछले दिनों भारतीय दूरसंचार नियामक (ट्राई) ने घोषणा की कि टेलीकॉम ऑपरेटरों को ग्राहकों को दिए जाने वाले अपने अन्य शुल्क प्लानों के अलावा बिल का विकल्प भी देना होगा यानी जितनी बात उतना बिल। शुरुआती बयान में कहा गया कि पहले से प्रति उपभोक्ता पर घाटा झेल रहे ऑपरेटरों के लिए यह अनिवार्य होगा लेकिन बाद में इसे संशोधित कर स्पष्ट किया गया कि ऑपरेटरों को अपने अन्य शुल्क प्लानों के साथ इसे भी पेश करना होगा।

इस सूचना के बाद निजी क्षेत्र की टेलीकॉम कंपनी टाटा टेलीसर्विसेज ने सभी मानदंडों को तो़ड़ते हुए अपने जीएसएम नेटवर्क टाटा डोकोमो को बाजार में प्रति सेकेंड पल्स की पेशकश के साथ उतारा । टाटा की इस घोषणा से भारतीय टेलीकॉम बाजार में शुल्क का शुरू हो गया। कौन ऑपरेटर देगा उपभोक्ताओं को सबसे सस्ती सेवा ।

टाटा की इस पेशपश के बाद ही पिछले हफ्ते एक अन्य ऑपरेटर, एयरसेल ने भी कोलकाता, उ़ड़ीसा, उत्तर प्रदेश और दिल्ली में प्रति सेकेंड शुल्क प्लान की घोषणा कर दी। एयरसेल से आप एक पैसे में देश के किसी भी कोने में किसी भी नेटवर्क पर मोबइल या लैंडलाइन पर बात कर सकते हैं। एसटीडी कॉल पर एक पैसे में आप प्रति माह 30,000 सेकेंड बात कर सकते हैं, उसके बाद दो पैसे का शुल्क लिया जाएगा। वहीं टाटा डोकोमो से आप एक पैसे में प्रति माह 27,000 सेकेंड बात कर सकते हैं। इसके अलावा आइडिया कंपनी ने भी प्रति सेकेंड बिल प्लान बाजार में उतारा।

इसे देखते हुए देश की सबसे ब़ड़ी मोबाइल सेवा प्रदाता कंपनी भारती एयरटेल को भी बाजार में अपना नेतृत्व बनाए रखने के लिए शुल्क युद्धभूमि में कदम रखना ही प़ड़ा। फ्रीडम प्लान के तहत एयरटेल के सभी मौजूदा प्रीपेड उपभोक्ता प्रति सेकेंड बिल का लाभ उठा सकते है। हालाँकि यह सेवा केवल एयरटेल नेटवर्क में ही उपलब्ध है। अन्य नेटवर्कों के लिए 1.20 पैसे का शुल्क लिया जाएगा। कुछ अन्य ऑपरेटरों ने भी प्रति सेकेंड पल्स योजना शुरू की है लेकिन यह शुल्क प्लान अनिवार्य नहीं है और ज्यादातर मामलों में इसे विस्तार योजना और बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाने के मकसद से शुरू किया गया है।

पिछले हफ्ते बीएसएनएल ने भी कर्नाटक, आंध्रप्रदेश और उड़ीसा में प्रति सेकेंड बिल योजना पेश की। ऐसे में रिलायंस कम्यूनिकेशंस कैसे पीछे रह सकता था। उसने भी अपने ग्राहकों के लिए 'सिंपली रिलायंस' प्लान बाजार में उतारा जिसके तहत 50 पैसे प्रति मिनट पर भारत में कहीं भी बात की जा सकती है।

टाटा टेलीसर्विसेज लिमिटेड के प्रबंध निदेशक अनिल सदाना ने बताया कि टाटा डोकोमो द्वारा प्रति सेकेंड बिल पेश करने के बाद सितंबर माह के दौरान कंपनी ने 40 लाख अतिरिक्त उपभोक्ताओं को अपने साथ जो़ड़ा है। वहीं इस माह के दौरान एयरटेल केवल 25 लाख उपभोक्ताओं को अपने साथ ला पाया। हालांकि बाजार में जारी गला काट प्रतिस्पर्धा का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 14 में से नौ टेलीकॉम ऑपरेटरों को चालू वित्त वर्ष के दौरान नुकसान उठाना प़ड़ा है। ट्राई के आँकड़ों के मुताबिक, दूरसंचार क्षेत्र की आय में करीब 11 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है जबकि इसी दौरान 14 करोड़ नए ग्राहक जुड़े हैं।

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