शरीफ के समक्ष मनमोहन उठाएंगे आतंकवाद का मुद्दा

वाशिंगटन| भाषा| पुनः संशोधित शनिवार, 28 सितम्बर 2013 (15:43 IST)
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ाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने प्रधानमंत्री से कहा है कि वे भारत के खिलाफ लगतार पाकिस्तान आधारित आतंकवाद का मुद्दा ‘खुले’ ढंग से के समक्ष उठाएंगे। मनमोहन ने ओबामा से कहा था कि पाकिस्तान के साथ वार्ता में प्रगति इस मोर्चे पर कार्रवाई पर निर्भर करेगी।


ओबामा ने यह वायदा शुक्रवार को मनमोहन के साथ हुई शिखर बैठक के दौरान किया, जब प्रधानमंत्री ने 2 दिन पहले जम्मू में हुए आतंकी हमलों का जिक्र किया और कहा कि किस तरह पाकिस्तान से पैदा हो रहा आतंकवाद हर समय भारत को प्रभावित करता रहता है।

सूत्रों ने बताया कि मनमोहन सिंह द्वारा यह बताए जाने पर कि लश्कर-ए-तैयबा को जमात- उद-दावा के साथ पाकिस्तान के पंजाब प्रांत की सरकार से ‘भारी-भरकम वित्तीय सहायता’ मिलती है। अमेरिकी पक्ष ने भारत और क्षेत्र तथा विश्व को आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा की ओर से उत्पन्न खतरे की भारत की गहरी चिंता को साझा किया।

मनमोहन और ओबामा के बीच करीब 3 घंटे तक चर्चा हुई। दोनों ने अफगानिस्तान की स्थिति के संदर्भ में आतंकवाद के बारे में बातचीत की। इस दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि इसमें पाकिस्तान महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है। दोनों नेताओं ने आतंकवाद के खिलाफ सहयोग मजबूत करने की आवश्यकता महसूस की।

सूत्रों ने बताया कि अमेरिका ने जानना चाहा कि किन पहलुओं को लेकर भारत और अमेरिका के बीच सहयोग और मजबूत किया जा सकता है।

ओबामा ने जम्मू-कश्मीर के सांबा में एक सैन्य शिविर और पुलिस थाने पर गुरुवार को हुए दोहरे आतंकी हमले में मारे गए लोगों के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की। हमलों में एक लेफ्टिनेंट कर्नल सहित 10 लोग मारे गए थे। (भाषा)



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