भारत न्यूक्लियर क्लब में, चीन का विरोध

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अमेरिका और तीन अन्‍य बड़े देशों का मानना है कि को न्‍यूक्लियर एक्‍सपोर्ट कंट्रोल ग्रुप में जगह मिल सकती है, लेकिन और यूरोपीय यूनियन के कुछ देशों ने इस कदम पर संदेह जताया।


उधर, उत्‍तर कोरिया ने जापान स्थित अमेरिकी सैन्‍य ठिकानों पर हमले की चेतावनी दी है। उत्‍तर कोरिया ने अमेरिका और दक्षिण कोरिया के संयुक्‍त सैन्‍य अभ्‍यास में परमाणु हथियार से लैस अमेरिकी बी-52 बमवर्षक जहाजों के इस्‍तेमाल के जवाब यह चेतावनी दी है।

राजनयिकों का कहना है कि वियना में न्‍यूक्लियर सप्‍लायर्स ग्रुप (एनएसजी) के 46 सदस्‍य देशों के बीच बंद कमरे में हुई बैठक के दौरान भारत को लेकर मतभेद उभरे। मुद्दा यह था कि क्‍या भारत न्‍यूक्लियर प्रोलिफिरेशन ट्रीटी (एनपीटी) से बाहर रहते हुए एनएसजी का सदस्‍य बन सकता है। यदि ऐसा होता है तो भारत यह उपलब्धि हासिल करने वाला दुनिया का पहला देश होगा।

राजनयिकों के मुताबिक भारत की सदस्‍यता का समर्थन करने वालों में अमेरिका, फ्रांस, ब्रिटेन और रूस जैसे देश शामिल रहे, जबकि आयरलैंड, नीदरलैंड और स्विट्जरलैंड जैसे छोटे देशों ने भारत का किया।



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