ओसामा बिन लादेन : ओबामा ने जारी किया था मौत का फरमान

वॉशिंगटन| भाषा| पुनः संशोधित सोमवार, 2 मई 2011 (18:25 IST)
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अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने के ‘मौत के फरमान’ पर 29 अप्रैल को दस्तखत किए थे। उन्होंने यह दस्तखत लादेन को मारने के लिए महीनों से चल रही तैयारियों और अत्यंत सावधानी से बनायी गई योजना के बाद किए थे।


एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि ओबामा खुद इस अभियान से जुड़ी छोटी से छोटी बात पर ध्यान दे रहे थे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ने अलबामा जाने से पहले ‘डिप्लोमैटिक रूम’ में 29 अप्रैल को सुबह आठ बजकर 20 मिनट पर अभियान के लिए हरी झंडी दी थी।

व्हाइट हाउस के ‘डिप रूम’ में मौजूद राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार टॉम डॉनीलॉन ने औपचारिक आदेश तैयार किया और उसी दिन दोपहर तीन बजे हुई एक बैठक में इस योजना के कार्यान्वयन पर मुहर लगा दी गई।

व्हाइट हाउस के कर्मचारियों ने रविवार को इस घटना से जुड़े तथ्यों के सभी पहलुओं पर विचार करने के लिए कई दौर की बैठकें कीं और विभिन्न पहलुओं पर बातचीत की।


दोपहर करीब दो बजे ओबामा अपने वरिष्ठ सलाहकारों से मिले और अंतिम आदेश की समीक्षा और पुष्टि की। करीब तीन बज कर 32 मिनट पर वह दोबारा ‘सिचुएशन रूम’ में एक अन्य बैठक के लिए वापस आए।
राष्ट्रपति को दोपहर करीब तीन बज कर 50 मिनट पर पता चला कि लादेन के बारे में मोटे तौर पर पता लगा लिया गया है। शाम करीब सात बज कर एक मिनट पर राष्ट्रपति को यह पता चला कि उस व्यक्ति के ओसामा बिन लादेन होने की संभावना अत्यधिक है।

राष्ट्रपति को करीब आठ बज कर 30 मिनट पर यह सुखद समाचार मिला। इसके बाद सभी संवाददाताओं को सूचना दी गई कि राष्ट्रपति देर रात एक महत्वपूर्ण घोषणा करना चाहते हैं।
ओबामा ने अपनी सरकार के शुरुआती दिनों में ही खुफिया विभाग को अनौपचारिक रूप से निर्देश दिया था कि वे ओसामा बिन लादेन की खोज को पहली प्राथमिकता दें।

ओबामा ने जून वर्ष 2009 में सीआईए के निर्देशक लेओन पानेटा को भेजे गए एक पत्र में कहा था कि इस बात को सुनिश्चित करते हुए कि हमने हर संभव कोशिश की है, मुझे आपसे 30 दिनों के भीतर ओसामा बिन लादेन को पहचानने, उसका पता लगाने और उसे न्याय के दायरे में लाने के लिए विस्तृत योजना चाहिए। इस अभियान को अंतिम रूप देने से पहले ओबामा ने अपने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के दल के साथ करीब नौ बठकें की।
इसके अलावा वरिष्ठ अधिकारियों ने आपस में पांच औपचारिक बैठकें की जबकि उनके कनिष्ठ सहयोगियों ने सात अन्य बैठकें की। यह सभी बैठकें ओबामा के खुफिया विभाग के साथ हुई बैठकों के अलावा हुई। राष्ट्रीय सुरक्षा दलों के विभिन्न घटक भी आपस में लगातार संपर्क में रहे। इसके अलावा ‘नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल’, सीआईए और रक्षा विभाग भी लगातार आपस में संपर्क में रहे।
ओबामा ने मार्च से इस मुद्दे को लेकर अपने राष्ट्रीय सुरक्षा दल के साथ कम से कम पांच बैठकें की हैं। यह बैठकें 14 मार्च, 29 मार्च, 12 अप्रैल, 19 अप्रैल और 28 अप्रैल को हुई थीं।

एक वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी ने कहा कि राष्ट्रपति ने इस अभियान के लिए 29 अप्रैल की सुबह अंतिम आदेश दिए। खुफिया विभाग की सूचना के आधार पर अमेरिकी दलों ने पाया कि लादेन इस्लामाबाद के उपनगरीय इलाके में एक बड़े से घर में रह रहा है।
अधिकारी ने बताया कि अभियान की शुरुआत पाकिस्तानी समयानुसार तड़के हुई और उसने अपना लक्ष्य प्राप्त किया। ओसामा बिन लादेन अब अमेरिका के लिए खतरा नहीं है। उन्होंने कहा कि यह सालों की मेहनत और कुशलता से तैयार की गई योजना के बगैर संभव नहीं था। (भाषा)



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