किडनी सरगना अमित की रविवार को पेशी

नेपाल की अदालत में पेश किया जाएगा

काठमांडू (भाषा)| भाषा| पुनः संशोधित शुक्रवार, 8 फ़रवरी 2008 (18:50 IST)
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भारत के अब तक के सबसे बड़े किडनी प्रत्यारोपण कांड के कथित मुख्य साजिशकर्ता डॉ. अमित कुमार को रविवार को नेपाल की अदालत में पेश किया जाएगा और उस पर विदेशी मुद्रा कानूनों का उल्लंघन करने का आरोप लगाया जाएगा। पखवाड़े भर की मशक्कत के बाद कुमार को गुरुवार को गिरफ्तार किया गया था।


पुलिस उपमहानिरीक्षक रमेश कुमार श्रेष्ठा ने बताया कि आज और कल नेपाल में छुट्टी है, इसलिए कुमार को रविवार को अदालत में पेश किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि 40 वर्षीय भारतीय डॉक्टर पर अघोषित विदेशी मुद्रा रखने का आरोप लगाया जाएगा। कुमार ने मीडियाकर्मियों से कहा कि वह निर्दोष है और उसे गलत फँसाया गया है।

भारतीय सीमा से 60 किलोमीटर दूर दक्षिणी नेपाल के चितवन में पुलिस ने कल होटल वाइल्ड लाइफ कैंप से कुमार को गिरफ्तार किया था। उसके कब्जे से 9 लाख 36 हजार रुपए का बैंक ड्रॉफ्‍ट, 1 लाख 45 हजार यूरो तथा 18 हजार 900 अमेरिकी डॉलर नकद राशि बरामद की गई।


होटल में कुमार के साथ चेकइन करने वाले मनीष कुमार के गिरफ्तार किए जाने के बारे में विरोधाभासी खबरें मिल रही हैं। हिमालय टाइम्स ने उसके फरार हो जाने का दावा किया है तो कांतिपुर ऑनलाइन ने रिपोर्ट दी है कि उसे कुमार के साथ गिरफ्तार किया जा चुका है।
न्यूज पोर्टल ने खबर दी है कि एक अन्य व्यक्ति फरार हो गया। अभी इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि फरार व्यक्ति नेपाली था या भारतीय। काठमांडू पुलिस का एक विशेष दल कुमार को शुक्रवार सुबह जीप से 160 किलोमीटर का सफर तय कर काठमांडू लाया। समझा जाता है कि कुमार ने पिछले एक दशक में 500 से अधिक गैर कानूनी किडनी प्रतिरोपण ऑपरेशन किए।

उसे हनुमान ढोका पुलिस थाने में रखा गया है और पुलिस द्वारा पूछताछ की गई है। 24 जनवरी को अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय किडनी कांड के सामने आने के बाद दागी डॉक्टर के खिलाफ इंटरपोल ने रेडकॉर्नर नोटिस जारी किया था।
भारतीय सीमा पर उत्तरप्रदेश के रक्सौल से 60 किलोमीटर दूर स्थित इस होटल के कमरा नंबर छह में कुमार ने चेकइन किया था। वह टोपी लगाए हुए था और धूप का चश्मा पहने था। उसने अंग्रेजी दैनिक हिमालयन टाइम्स में अपने बारे में एक समाचार देखा और उस हिस्से को काट लिया।

उसकी इस गतिविधि से होटल के रिसेप्शनिस्ट को संदेह हुआ और उसने पुलिस को उसकी मौजूदगी की सूचना दी। इसके बाद इंटरपोल की नेपाल यूनिट तथा स्थानीय पुलिस के संयुक्त अभियान में उसे दबोच लिया गया।
गुड़गाँव में इस कांड के सामने आने के बाद पिछले सप्ताह इंटरपोल ने कुमार तथा उसके भाई के खिलाफ यह कहते हुए नोटिस जारी किया था कि दोनों की गैर कानूनी किडनी प्रतिरोपण धोखाधड़ी तथा आरापधिक साजिश के लिए राष्ट्रीय गिरफ्तारी वांछित है।

इंटरपोल ने कहा कि ऐसा समझा जाता है कि पिछले आठ साल में एक गुप्त ऑपरेशन थियेटर में 500 लोगों का जबरन ऑपरेशन किया गया और उनकी किडनियाँ विदेशी मरीजों में प्रत्यारोपित की गईं। इस मामले में भारत में छह लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है।



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