घर में जरूरी है कूड़ादान

कूड़ादान
Gayarti SharmaWD
आमतौर पर घरों में कूड़ादान के नाम पर टूटी-फूटी बाल्टी या पुराना, गंदा सा डिब्बा रख दिया जाता है। आजकल जबकि के पर बहुत ध्यान दिया जा रहा है, घर की अन्य वस्तुओं की तरह इस पर भी ध्यान देने की आवश्यकता है। आजकल बाजार में एक से एक खूबसूरत डिजाइन एवं रंगों वाले कूड़ादान उपलब्ध हैं।

इन्हें खरीदने एवं बेहतर ढंग से उपयोग करने के लिए निम्न बातों का ध्यान रखना चाहिए-
* खरीदने के पूर्व विचार कर लें कि आप किस स्थान पर रखने के लिए कूड़ादान खरीद रहे हैं। बेडरूम और ड्राइंग रूम जैसी जगहों के लिए सुंदर डिजाइन, ढक्कनदार, छोटे आकार एवं हल्के रंग का तथा बाहर के बरामदे या के लिए थोड़ा बड़ा एवं किसी गहरे रंग का ढक्कनदार कूड़ेदान खरीदें।

* यदि संभव हो सके तो गीली खाद्य वस्तुओं एवं सूखे कूड़े के लिए अलग-अलग कूड़ेदान बनाएँ। इस तरह आप खाद्य वस्तुओं वाला कचरा जानवरों को खिला सकती हैं या इसका उपयोग खाद बनाने के लिए भी कर सकती हैं।

* यदि संभव हो तो घर के प्रत्येक कमरे में एक छोटा कूड़ादान रखें ताकि कमरों में कचरा इधर-उधर न फैले। बच्चों में प्रारंभ से ही कूड़ादान में कचरा डालने की आदत डालें।

* रसोई के लिए सदैव ढक्कनदार एवं पैर से खुलने वाला कूड़ादान खरीदें ताकि आप खड़े-खड़े ही कूड़ा फेंक सकें।

* कचरा फेंकने के बाद इसे प्रतिदिन अंदर एवं बाहर से पानी से साफ करके सुखाएँ और फिर नीचे तली में एक पॉलिथीन बिछाएँ ताकि आपका कूड़ादान साफ-सुथरा रह सके।

* सप्ताह में कम से कम एक बार इसे डेटॉल या फिनाइलयुक्त पानी से भली-भाँति धोकर सुखाएँ, फिर प्रयोग करें ताकि वह कीटाणुमुक्त रह सके।

* बासी खाना विशेषकर दाल, चावल व सब्जी जैसे तरल पदार्थों को कूड़ादान में खुला न डालें बल्कि उन्हें पॉलिथीन में बंद करके डालें ताकि उनमें सड़ांध न आए।

WD|
* आँगन का कूड़ादान ऐसे स्थान पर रखें जहाँ पर कौए, चिड़िया या बंदर आदि उसे फैला न सकें। इसे सदैव ढँककर ही रखें।



और भी पढ़ें :