होलाष्टक क्या है एवं क्यों मनाएं...

होली 2014 : होलाष्टक का महत्व

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होलाष्टक के दिन होलिका दहन के लिए 2 डंडे स्थापित किए जाते हैं। जिनमें एक को होलिका तथा दूसरे को प्रह्लाद माना जाता है।

पौराणिक एवं शास्त्रीय मान्यताओं के अनुसार जिस क्षेत्र में होलिका दहन के लिए डंडा स्थापित हो जाता है, उस क्षेत्र में होलिका दहन तक कोई भी शुभ कार्य नहीं किया जाता।

इस वर्ष होलाष्टक 8 मार्च से शुरू होकर 16 मार्च तक रहेगा। इस आठ दिनों के दौरान सभी शुभ कार्य वर्जित माने गए हैं। इसके अंतर्गत 16 को होलिका दहन और 17 मार्च को धुलेंडी खेली जाएगी।

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