मुखौटे

लघुकथा

NDND
पर होने वाले स्पेशल लंऔर सेमिनार में मिसेस मेहरा कुछ लेट हो गईं। स्वाभाविक रूप से पूछा ‍गया कि कहाँ अटक गई थीं? बोलो - आँख में कुछ गिरा था, सो डॉक्टर के यहाँ होती हुई आई। उनका क्लिनिक तो दूर है ना'।

इस पर उनकी एक सहेली बोली - 'अरे। तुम्हारे घर के उधर ही तो वो डॉ. वर्मा रहती हैं ना? उन्हें क्यों नहीं दिखा दिया?'

ज्योति जैन
मिसेस मेहरा का जवाब था - 'गायनिकोलॉजिस्ट' तक तो ठीक है बाबा, लेकिन बाकी मामलों में महिला चिकित्सकों पर बिल्कुल भरोसा नहीं होता' और जवाब देकर वे अपनी महिला दिवस की स्पीच की तैयारी में लग गईं।



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