कुछ नन्ही कविताएँ

यहाँ- 5
यहाँ,
भोजन तो बहुत है,
पर,स्वाद बिल्कुल नहीं आता।

तुम नहीं हो न यहाँ,

इसलिए

यहाँ- 6
यहाँ,
पेड़ हैं, पौधे हैं,
फूल हैं,चिड़ियाँ
और तितलियाँ भी ।लेकिन नीरस लगता है।
तुम नहीं हो न ।
यहाँ

यहाँ- 7
यहाँ,
सब कुछ है,
बस नहीं हो तुम
और न ही
तुम्हारे आने की आहट ।



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