जीत रही हैं महिलाएं, हार रहा है 'दिल'

विश्व हृदय दिवस : 29 सितंबर

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हृदय रोग विशेषज्ञों का कहना है कि कामकाज के विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी के कारण एक तरफ जहां महिलाएं आर्थिक, सामाजिक एवं पारिवारिक रूप से अधिक सक्षम हुई है लेकिन उनका पड़ गया है।

आज बदलती जीवन शैली और महिलाओं पर बढ़ते कामकाज के तनाव के कारण वह पहले की तुलना में तेजी से हृदय रोगों से घिर रही है और यही कारण है कि आज हृदय रोग महिलाओं के लिये पहले नंबर का हत्यारा बन गया है।

भारतीय महिलाएं भले ही आज अपने हुनर एवं मेहनत से विभिन्न क्षेत्रों में अपनी जीत का जश्न मना रही हैं लेकिन उनका 'दिल' हार रहा है।



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