अब विलेन नहीं बनना चाहते ऋषि कपूर

पुराने जमाने के सुपरस्टार इन दिनों फिल्मों में धूम मचा रहे हैं। ऋषि कपूर वर्तमान में अपने 44 सालों के बॉलीवुड करियर के सबसे अच्छे दौर से गुजर रहे हैं। की फिल्म ‘अग्निपथ’ में शानदार नकारात्मक भूमिका निभाने वाले ऋषि कपूर, निखिल अडवानी की आने वाली फिल्म ‘डी डे’ और सुभाष घई की फिल्म ‘कांची’ में भी निगेटिव रोल में नजर आने वाले हैं। उनके द्वारा निभाई गई नकारात्मक भूमिकाओं को मिली लोकप्रियता के बावजूद अब वे इनसे हटकर सकारात्मक भूमिकाओं की तरफ ध्यान देना चाहते हैं।


ऋषि ने बताया कि यह सब वे जानबूझकर कर रहे हैं। अपने दिलचस्प अंदाज में उन्होंने कहा कि लोग बोल रहे हैं कि रणबीर कपूर अच्छा एक्टर है। ये भूल गए कि ऋषि कपूर भी एक्टर है। लोग कहते हैं रणबीर मशहूर हीरो राज कपूर का पोता है। वे इन दोनों के बीच में आने वाली एक पीढ़ी को भूल चुके हैं। हैलो, नॉक नॉक मैं अभी कहीं नहीं गया। उन्होंने बताया कि इन दिनों उन्हें कई फिल्मों के ऑफर आ रहे हैं इसलिए वे अपनी चाहत के अनुसार भूमिका चुनने के लिए स्वतंत्र हैं।
में उनकी नकारात्मक भूमिका को लोकप्रियता मिलने के बाद अन्य फिल्मों में भी उन्होंने निगेटिव रोल करना शुरू कर दिया। ऋषि ने कहा कि मुझे विलेन की भूमिका निभाने में कोई दिलचस्पी नहीं है। मैं बुराई का मानवीयकरण करने की कोशिश कर रहा हूं। मेरी यह कोशिश फिल्म ‘औरंगजेब’ में साफ तौर पर देखी जा सकती है। वह पैसे की भूख और महत्वाकाक्षाओं की पूर्ति के लिए किसी भी हद तक जा सकता है।

निखिल अडवानी की फिल्म ‘डी डे’ में निभाए गए रोल के बारे में ऋषि ने कहा कि डी डे में भी मैं निगेटिव रोल कर रहा हूं। मैंने यहां भी अपने चरित्र के मानवीयकरण की कोशिश की है। लोग समझ सकते हैं कि यह चरित्र खराब है परंतु असल में वह केवल अपना काम कर रहा है। नकारात्मक भूमिकाओं को सकारात्मकता से निभाने के वाले ऋषि अब इनसे बोर हो चुके हैं। उन्होंने बताया कि अब वे कुछ समय के लिए पॉजिटिव रोल निभाना चाहते हैं।



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